किसान रेल सेवा की शुरुआत, सरकार का सबसे बढ़ा कदम

देश की पहली किसान रेल सेवा की शुरुआत कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेलमंत्री पयुष गोयल की अध्यक्षता मे रवना की गई है | सरकार कोरोना कल मे किसानों के हितों की रक्षा करते हुए जल्दी खराब होने वाली फल-फूल, सब्जियों को जल्दी से बाजार तक पहुचाना है | किसान ट्रेन देश के किसानों के लिए मिल का पत्थर साबित होने के लक्ष्यों की और का एक कदम है | किसानों की आय को दोगुना करने की और किसानों को वातानुकूलित परिवहन देना है |

देश की पहली किसान रेल महाराष्ट्र से बिहार के बीच चलाई है | kisan rail scheme से जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पाद कोल्ड चेन के द्वारा बाजार तक पहुचेगा |

किसान रेल सेवा
किसान रेल सेवा

भारत की पहली किसान रेल सेवा की शुरुआत कब हुई ?

देश मे 7 अगस्त 2020 को किसानों के लिए पहली किसान रेल सेवा को हरी झंडी देकर रवना किया है | यह ट्रेन महाराष्ट्र से बिहार के बीच मे चलेगी जो 32 घंटों मे 1519 किलोमीटर का रास्ता तय करेगी |

किसान रेल योजना 2020 का उद्देश्य ?

देश मे चल रहे कोरोना काल से किसानों के लिए संकट की घड़ी पैदा हो गई है किसानों के उत्पादों को उचित यातायात एव कीमत मिलना मुस्किल हो गया था | किसान अपने उत्पादों को आस-पास के क्षेत्र और गावो मे बेचने के लिए मजबूर हो गए जिसके कारण किसानों को लागत कीमत मिलन भी मुस्किल हो गया | और जिन राज्यों या क्षेत्रों मे कृषि उत्पादन अधिक होता था उन क्षेत्रों मे बिना बाजार के फसले खेतों मे ही खराब हो रही है | देश किसानों की इन सभी समस्याओ को ध्यान मे रखते हुए सरकार ने किसान रेल सेवा की शुरुआत की है |

यह किसान रेल योजना कोरोना टाइम मे ही नहीं बल्कि आगे भी चलती रहेगी |

कौन-कौन से रूटों पर चलेगी किसान रेल सेवा ?

बता दे की देश के महाराष्ट्र से बिहार तक के बीच जुड़े सभी छोटे-बड़े शहर इस रेल सेवा का फायदा लेंगे | रेल देवलाली से दानपुर 1519 km का सफर करेगी जिनमे अभी प्रमुख शहर –

देवलाली से चलकर ट्रेन नासिक रोड़, मनमाड़, जलगांव, भुसावल, बुरहानपुर, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, सातना, कटनी, मणिकपुर, प्रयागराज, पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के साथ-साथ चलकर बक्सर से दानापुर में जाकर अपना सफर पुरा करेगी |

किसान रेल हर शुक्रवार को महाराष्ट्र से चलेगी और आपसी बिहार के दनपुर से हर रविवार को लोटेगी |

ये भी पढ़े :-

क्या है खास बात किसान रेल सेवा मे ?

  • इस किसान रेल मे 10 पार्सल डिब्बों के साथ 238 टन क्षमता तक का माल भेज सकते है |
  • पूरी ट्रेन पूर्ण रूप से a/c वातानुकूलित होगी जिससे माल खराब होने से बचेगा |
  • यदि किसान का माल रेल के अंदर खराब हो जाता है तो रेल किसानों को तुरंत मूआवजा देगी |
  • महाराष्ट्र से बिहार तक का सफर कुल 32 घंटों का होने वाला है |
  • इस सेवा का लाभ अभी कुछ समय के लिए इस रूट से लगने वाले लगभाग 30 बड़े शहर ले सकेंगे |
  • यह ट्रेन महाराष्ट्र के प्रषिद्ध प्याज ,अंगूर ,ताजी सब्जिया ,फल-फूल आदि जली खराब होने वाले उत्पाद चलाएगी |
  • इस रेल सेवा के माध्यम से देश के किसान अपनी फसल उत्पादों को एक कोने से दूसरे कोने मे पहुचा सकेंगे |
  • किसान रेल का प्रति टन किराया भी अन्य परिवहन की बजाय 1000/टन सस्ता पड़ेगा |

किसान रेल योजना मे प्रति टन किराया ?

बता दे की भारतीय रेलवे ने देवलाली (महाराष्ट्र) से दानापुर (बिहार) के बीच मे “किसान रेल सेवा ” शरुआत की है। किसान अपने माल को कम से कम परिवहन लागत एव समय मे अच्छे भावों के साथ मंडियों और बाजारों मे पहुचा सकेगा | परिवहन की लागत काफी सस्ती है –

स्टेसन के नाम कुल किराया प्रति टन मे
देवलाली से दानापुरRs 4001/-
खंडवा से दानापुरRs 3148/-
बुरहानपुर से दानापुरRs 3323/-
भुसावल से दानापुरRs 3459/-
नासिक रोड से दानापुरRs 4001/-
जलगांव से दानापुरRs 3513/-
मनमाड से दानापुरRs 3849/-

ये भी पढ़े :-

किसान रेल योजना ऑनलाइन बुकिंग रजिस्ट्रेशन कैसे करे ?

इस योजना के तहत किसान अपना माल भेजना या बेचना चाहता है तो दिए गए रूट के जुड़े रेलवे स्टेसनो से संपर्क कर सकते है | किसान रेल योजना ऑनलाइन बुकिंग रजिस्ट्रेशन के लिए अभी सरकार ने अभी कोई भी सूचना जारी नहीं की है | kisan rail scheme in hindi मे और अधिक जानकारी जानने के लिए क्लिक करे – Kisan Rail Yojana 2020

Kisan Rail Yojana 2020 योजना का लाभ महाराष्ट्र और बिहार से जुड़े मार्ग के सभी आस-पास किसान ले सकेंगे |

किसान रेल सेवा के ताजा आकड़े ?

भारत की पहली किसान रेल सेवा से किसानों और सरकार को उमीद से भी ज्यादा परिणाम मिल रहे है | बता दे की 2-10-2020 तक किसान रेल ने कुल 19 ट्रिप(आवा-जाही) पूरी कर ली है | किसान रेल के इन 19 चक्रों मे 5,223 टन फल फ्रूट, सब्जीया का परिवहन हो चुका है |

-R.Kumawat

Leave a Comment