मिडिल स्कूलो में 2020-21 से कृषि विषय को भी जोड़ा जाएगा

हाल ही मे देश के प्रधानमंत्री ने कहा है की अब देश के मिडिल स्कूलो में कृषि विषय पढ़ाया जाएगा | देश में पहली बार कृषि को मिडिल स्कूल लेवल पर पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी हो रही है |स्कूल कृषि विषय अभी तक केवल उच्च शिक्षा मे ही पढ़ाई जा रही थी लेकिन अब सरकार का यह कदम से मीडियम कक्षाओ मे पढ़ाई जाएगी |

उतरप्रदेश के झांसी मे रानी लक्षमी बाई कृषि विश्व विधालय का उद्धघाटन करते हुए किसानों को आत्मनिभर बनाने की और बढ़ाते हुए कृषि को मजबूत माना है | कृषि को गावों के मिडिल स्कूल लेवल तक ले जाने की जरूरत है | ताकि कृषि सभी के लिए बेहतर विकल्प बन सके |

कृषि विषय
कृषि विषय

शिक्षा मे कृषि विषय को जोड़ने का उधेश्य ?

  • कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी जरूरत है इसलिए कृषि को कुछ नए तरीके के शिक्षा मे जोड़ना जरूरी है |
  • मिडिल स्कूलो में कृषि विषय कृषि क्षेत्र को ससक्त बनाने मे बहुत सक्रिय योगदान देगी |
  • बच्चों मे खेती करने की विज्ञानिक विधियों का ज्ञान होगा |
  • कृषि से जुड़ी व्यवस्थाओ का विकाश लाना है |
  • विकशीत देशों की तरह देश मे भी किसानों की जीवनशेली और कृषि क्षेत्र मे आधुनिकता लाना है |
  • शिक्षा का क्षेत्र बढ़ाकर कृषि जैसे असंघटित क्षेत्रों मे रोजगार के अवसर देना है |
  • बच्चों में खेती को लेकर वैज्ञानिक सोच बढ़ेगी और कृषि से जुड़े कारोबार की जानकारी भी होगी |
  • 2013 से पहले देश मे केवल एक ही केन्द्रीय कृषि विश्वविध्यालय था जिनकी संख्या बढ़ाना |
  • बच्चों मे खेती और इससे जुड़ी तकनीक, व्यापार-कारोबार के बारे में अपने परिवार को जानकारी दे पाएंगे |

ये भी पढ़े :-

वर्तमान समय मे कृषि शिक्षा की मांग ?

कोरोना काल मे 40 साल की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मे गिरावट लेकिन एकमात्र कृषि क्षेत्र मे बढ़त देखि गई | वर्तमान में, कृषि क्षेत्र में कृषि शिक्षा की मांग अधिक है। कृषि विषय में कोर्स करने के बाद,लड़के-लड़किया सरकारी के साथ-साथ निजी क्षेत्रों में भी नौकरी पा सकते हैं।कृषि क्षेत्र मे उच्च शिक्षा डिग्री धारकों के लिए नौकरी के कृषि विज्ञान केंद्र और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान मे अवसर उपलब्ध हैं।

कृषि विषयों की पढ़ाई करने के बाद आप बागवानी, डेयरी ,पोल्ट्री फार्मिंग ,जैसे में नौकरी कर करते हैं। एग्रीकल्चर क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध हैं।

इस क्षेत्र में स्नातक पूरा करने और कुछ अनुभव के बाद, आप अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं जैसे कृषि फर्म, खाद-बीज कम्पनीया, कृषि उद्योग, आदि। एग्रीकल्चर में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी करने के बाद, आप पर्यवेक्षक, वितरक, शोधकर्ता और इंजीनियर के रूप में काम कर सकते |

देश मे कितने है कृषि शिक्षा विश्वविधाली एव शिक्षण संस्थाए ?

  • सितम्बर 2020 तक देश मे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (Icar) द्वारा मान्यता देता है |
  • देश मे मान्यता प्राप्त ,3 केन्द्रीय विश्वविधाली ,59 राज्य कृषि विधालय ,और 4 संतुल्य विश्वविधालय है |
  • हाल ही मे (29 अगस्त 2020)बने रानी लक्ष्मी केन्द्रीय कृषि विस्वविधलय को 127 करोड़ की लागत से बना है |

1 thought on “मिडिल स्कूलो में 2020-21 से कृषि विषय को भी जोड़ा जाएगा”

  1. जैविक खेती के विषय में बहुत अच्छी जानकारी दी है ।आज के समय में हमारी भावी पीढ़ी को जैविक खेती के विषय में नई विधियों,तकनीकों का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करने की महती आवश्यकता है ।
    धन्यवाद्

    Reply

Leave a Comment