[ देश मे खेती के प्रकार परिभाषा 2023 ] यहाँ जानिए खेती से लाभ और नुकसान

Last Updated on December 2, 2022 by krishi sahara

मिश्रित खेती क्या है | कृषि के प्रकार | खेती के प्रकार | खेती से लाभ और नुकसान | What is mixed farming | सामान्य खेती क्या है | विशिष्ट खेती | रेंचिंग प्रकार की खेती | बहु प्रकार की खेती | शुष्क खेती /Dry Farming

देश में खेती करने के तौर-तरीके तथा प्रणालियां अलग-अलग प्रचलित है | खेती के इन प्रकारों का विभाजन वातावरण, कृषि-संसाधन, परिस्थितियां, किसान आय, कृषि ज्ञान, उद्देश्य, सरकारी सहायता, खेत की मिट्टी जलवायु तथा प्रकृति के अनुसार आदि कारकों से निर्धारण होता है |

खेती-के-प्रकार | मिश्रित खेती क्या है | कृषि के प्रकार | खेती | कृषि के प्रकार pdf |कृषि खेती के प्रकार | खेती किसे कहते है इसकी परिभाषा एवं खेती के प्रकार | भारत में कृषि के ये हैं प्रचलित तरीके, देश भर के किसान करते हैं | खेती के विभिन्न प्रकार | भारत में खेती के विभिन्न प्रकार | खेती की परिभाषा |कृषि के दो मुख्य प्रकार कौन से हैं | कृषि प्रणाली के प्रकार | खेती से लाभ और नुकसान | मिश्रित खेती क्या है | सामान्य खेती क्या है | मिश्रित खेती क्या है What is mixed farming | विशिष्ट खेती क्या है What is specific farming | बहुप्रकारीय खेती क्या है What is multifamily farming |कृषि के प्रकार | सामान्य खेती क्या है? | मिश्रित खेती के लाभ |
खेती के प्रकार/खेती के प्रकार

खेती के प्रकारों में आता है कि भूमि का उपयोग फसल को उगाना किस उद्देश्य से किया जा रहा है |आइए आज हम बात करेंगे खेती के प्रकार, खेती की प्रमुख परिभाषाएं तथा खेती से लाभ और नुकसान, खेती कैसे करें आदि के बारे में –

खेती के प्रकार –

भूमि का उपयोग फसल उगाने के लिए किस प्रकार किया जाता है यही से खेती के प्रकार का निर्धारण होता है | देश में किसान अपनी परिस्थिति तथा सुविधाओं, आवश्यकताओं के अनुसार खेती को अलग-अलग प्रकार से करता है | आइए जानते हैं कृषि के कितने प्रकार होते हैं

  1. मिश्रित खेती /Mixed Farming
  2. विशिष्ट खेती / Specialized Farming
  3. बहु प्रकार की खेती /Diversified Farming, multifamily farming
  4. शुष्क खेती /Dry Farming
  5. रेंचिंग प्रकार की खेती /Ranching Farming
खेती के प्रकार

मिश्रित खेती क्या है What is mixed farming ?

Mixed Farming प्रकार में किसान खेती-बाड़ी के साथ-साथ पशुपालन भी करता है यानी कि कृषि पशुपालन पर निर्भर होती है और पशुपालन कृषि पर निर्भर होता है | मिश्रित खेती देश में अधिकतर की जाने वाली खेती का प्रकार है तथा इसमें किसान की आय बहुत ही कम होती है यानी कि 10% से कम कम मिश्रित खेती का सही लाभ है | Mixed Farming मे किसान अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करने में सहायक मानता है |

मिश्रित खेती में जो भी फसल उगाई जा रही है या जो पशुपालन हो रहा है उसे कुल उपज का केवल 10% ही लाभ मिल पाता है |

विशिष्ट खेती क्या है What is specific farming ?

खेती के इस प्रकार में केवल एक ही फसल को उपजाया/उगाया जाता है | एक ही विशेष फसल बोई जाती हो और उसी से ही पूरा लाभ कमाया जाता विशिष्ट खेती कहलाती है | गन्ना, कॉफी, कहवा, चाय, यानी कि मोटे तौर पर कहां जाए तो नगदी फसले विशिष्ट खेती में आती है |

Specialized Farming मुख्य रूप से लाभ कमाने के उद्देश्य से की जाती है | विशिष्ट खेती में कुल उत्पादन का में प्रति फसल पर 50% से अधिक का शुद्ध मुनाफा मिल जाता है |

खेती के प्रकार

बहुप्रकारीय खेती क्या है What is multifamily farming ?

बहु प्रकार की खेती में अनेक प्रकार की फसलें एक साथ उगाई जाती है | मिश्रित खेती और बहुप्रकार की खेती में एक मुख्य अंतर होता है कि बहु प्रकार की खेती मे लाभ का प्रतिशत अधिक होता है, इसमें लाभ का प्रतिशत 50% से कम रहता है जबकि मिश्रित खेती में केवल 10% ही रहता है |

अपने की बहुप्रकारीय की खेती में मूल भावना यही होती है कि एक ही खेत में अनेक प्रकार के फसलों को उगाना होता है |

शुष्क खेती क्या है What is dry farming ?

dry farming को सूखा/शुष्क खेती भी कहते हैं यानी ड्राई खेती इस प्रकार की खेती में सिचाई सुविधाओं आदि का अभाव रहता है तथा पानी/जल कम मात्रा में ही खेती संपन्न की जाती है, शुष्क खेती कहलाती है | शुष्क खेती विशेष क्षेत्रों में की जाती है जहां पानी की मात्रा बहुत कम होती है यानी कि 20 इंच/50 CM प्रति वर्ष वर्षा का कम होना वहां खेती को करना शुष्क खेती मानी जाती है |

यह खेती ज्यादातर पठारी क्षेत्रों में जैसे मंगोलिया का पठार, भूमध्यसागरीय प्रदेश, भारत में  पहाड़ी क्षेत्रों में मानी जाती है |  

शुष्क खेती में फसलों की बुवाई गहरी बुवाई की जाती है तथा वाष्प पानी के उत्सर्जन रोकने हेतु विशेष प्रकार की तकनीकों का प्रयोग किया जाता है| वाष्प प्रबंधन, जससे ज्यादा से ज्यादा दिनों तक नमी बनी रहे |

dry farming मे फसलें भी ऐसी लगाई जाती है जो कम समय में तैयार हो जाएं यानी जिन्हें कम पानी की आवश्यकता हो |

रैंचिंग की खेती क्या है What is ranching farming ?

Ranching farming को पशुपालन खेती भी कहते है क्योंकि खेती के प्रकार में किसान का मुख्य उद्देश्य खेती से लाभ कमाना नहीं है | इस खेती का मुख्य उद्देश्य है पशुओं के लिए चारा लेना है यानी कि फसल के साथ किसी भी प्रकार की बुआई, निराई-गुड़ाई, उपज प्राप्त नहीं की जाती है | खेतों मे चारे वाली फसलों के बीज का छिड़काव कर चारे का पैदावर लेना है |

दुनिया में रैंचिंग खेती ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा की जाती है | Ranching farming भेड़पालक किसान खेती को केवल पशुओं के चारे के लिए करते हैं कोई भी विशेष फसल नहीं लगाई जाती है |

खेती-के-प्रकार मिश्रित खेती क्या है | कृषि के प्रकार | खेती | कृषि के प्रकार pdf |कृषि खेती के प्रकार | खेती किसे कहते है इसकी परिभाषा एवं खेती के प्रकार | भारत में कृषि के ये हैं प्रचलित तरीके, देश भर के किसान करते हैं | खेती के विभिन्न प्रकार | भारत में खेती के विभिन्न प्रकार | खेती की परिभाषा |कृषि के दो मुख्य प्रकार कौन से हैं | कृषि प्रणाली के प्रकार | खेती से लाभ और नुकसान | मिश्रित खेती क्या है | सामान्य खेती क्या है | मिश्रित खेती क्या है What is mixed farming | विशिष्ट खेती क्या है What is specific farming | बहुप्रकारीय खेती क्या है What is multifamily farming |कृषि के प्रकार | सामान्य खेती क्या है? | मिश्रित खेती के लाभ |
खेती के प्रकार

खेती से लाभ और नुकसान ?

देश मे खेती के लाभ और नुकसान की बात करें तो हर सिक्के के दो पहलू होते है | कोई भी कृषि क्रिया-प्रक्रिया गलत नहीं होती है देखा जाए तो कृषि पुराने समय से सजीव और निर्जीव का मुख्य आवश्यकता/अंग रही है| आज के समय देश की 58% जनसंख्या कृषि पर ही निर्भर है |

  • खेती के लाभों मे दुनिया की आदि से ज्यादा आबादी को रोजगार और खाध्य सुविधा उपलब्ध कर रही है |
  • ग्रामीण आबादी मे खेती का काम कम लागत के साथ अपना रोजगार प्राप्त कर सकता है |
  • खाद्य सुरक्षा प्रदान करने मे खेती का बहुत बड़ा योगदान है |

खेती से होने वाले मुख्य नुकसान ?

खेती मे होने वाले नुकासान की बात करें तो खेती एक जोखिम भरा व्यवसाय है | किसान की आय और खेती का उत्पादन सब मौषम और सरकारी नीतियों पर निर्भर रहता है | आइए जानते है खेती मे होने वाले नुकसान और हानिया-

  • खेती बाड़ी की लागत आज के समय बढ़ गई है |
  • फसल का उत्पादन मौषम/परिस्थितियों पर निर्भर रहता है |
  • सामान्य खेती प्रकार से खेती-बाड़ी करना आज असंभव हो गया |
  • खेती पर निर्भर किसान और किसान परिवार की आय हर समय अनिश्चित रहती है |
  • मेहनत और श्रम लागत के हिसाब से उतना उत्पादन नहीं मिल पाता है |
  • वर्तमान मे चल रही सरकारी और तकनीकों के बिना खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है |

जैविक खेती pdf?

यदि आप भी जैविक खेती करने की सोच रहे हो और इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए – PDF डाउनलोड करें |

कृषि के प्रकार की PDF?

कृषि कितने प्रकार की होती है जानिए कृषि से संबधित अधिक जानकारी – PDF डाउनलोड

यह भी जरूर पढ़ें…

Leave a Comment

error: Alert: Content is protected !!