[ सरसों का भाव 2021 ] सरसों का सरकारी रेट से भी दोगुने भाव- Aaj ka sarso ka bhav

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इस समय में सरसों के भावों को लेकर हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, कृषि उपजो में इस बार सरसों के भाव को लेकर काफी चर्चा में है | बता दे की सरसों की फसल इस बार अच्छी हुई है और सरसों के अभी दाम है वह MSP से कई ज्यादा आगे बढ़कर चल रहे हैं | इसमे बात करेंगे इसके पीछे क्या कारण है, सरसों के भाव आगे कैसे रहेंगे, सरसों के भाव को लेकर आगे का विचार / भविष्य क्या है –

सरसों-का-भाव

सरसों का सरकारी रेट 2021?

सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य वर्ष 2021 के लिए 4650 रुपये प्रति क्विंटल रखा है | इस समय यानी  जुलाई के शुरुआती दिनों में सरसों के भाव 6700-7000 रुपये प्रति क्विंटल के आस-पास चल रहे हैं | जुलाई के दूसरे सप्ताह मे सरसों के ये भाव चल रहे है –

प्रमुख सरसों मंडिया Sarso ka bhav रुपये प्रति क्विंटल
सिरसा में सरसों के भाव6400 से लेकर ₹7050
राजस्थान की जयपुर में सरसों के भाव7250/-
राजस्थान के श्रीगंगानगर Sarso ka bhav6800 से लेकर 7206
मटिली / सादुल शहर में सरसों के भाव6610 से lलेकर 6900 
रायसिंहनगर में सरसों के भाव6675 से लेकर 7125 रुपये 
आदमपुर में सरसों के भाव6620 रुपये के आस पास
ग्वालियर में सरसों के भाव7900 रुपए 
आगरा की सलोनी मंडी में Sarso ka bhav8100  रुपए

चने का भाव 2021

सरसों मे तेजी के कारण ?

भावों को लेकर सबके मन में हो रहा था कि सरसों के भाव इतने क्यों बढ़ रहे हैं, इसको लेकर का पीछे का कारण है, बता दे की कि बाजार में सरसों की नई फसल मई के अंतिम दिनों में आनी शुरू हो गई और इसका सरकारी रेट था 4650 रुपए, जैसे ही यह फसल बाजार में आना शुरू हुई तभी से इसके दाम 4800-5000 प्रति कुंटल रुपए  खरीदी बिक्री शुरू हो गई |

  • बता दें कि जब शुरुआत में ही इसके दाम ऊंचे मिलने लग गए तो  बड़े और समझदार किसान इसका स्टोर करने लग गए और बाजार में इसे कम लाने |
  • बता दें कि 20 मई 2021 तक बाजार मे लगभग 60% हीं सरसों की फसल पहुंची है | वर्तमान मे देश मे सरसों की फसल से जुड़े उत्पादो मे भारी खपत देखने को मिल रही है |
  • 2021 में सरसों की कुल उपज में पूरे भारत में 90 लाख टन सरसों की फसल की पैदावार हुई है | जो पिछले साल की तुलना में 7 से 8% अधिक है, आने वाली अगली फसल में भी इसमें ज्यादा इजाफा देखने को मिल सकता है | मौषम की अनुकूल परिस्थितिया रही तो सरसों के उत्पादन मे 10 से 15% तक की ज्यादा पैदावार देखने को मिलेगी |
  • लॉकडाउन की वजह से बहुत सारा सरसों का माल अभी बाजार में नहीं पहुंचा है और काफी माल स्टॉक भी किया हुआ है, जैसे ही लॉकडाउन खुलता है इसकी मांग भी बढ़ेगी |
  • भावों को लेकर आगे बता नहीं सकते लेकिन स्टॉक अभी मार्केट में पूरा नहीं पहुंचा है |
सरसों-का-भाव

2021 में सरसों का भाव क्या रहेगा ?

सरसों के भाव को लेकर आगे क्या संभावना लगती है, इसको जानने से पहले यह जानना होगा कि पिछले वर्ष और वर्तमान में चल रहे लॉकडाउन के चलते अपने घरों मे रह रहे हैं और अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा प्रभावित है-

कोरोना महामारी मे हमारे भारतीय लोगों में शुद्ध सात्विक भोजन में ज्यादा रुचि बढ़ रही है और स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा प्राथमिकता देना तय किया है | रिफाइंड तेल को काम मे लेने से बचना चाह रहा है शुद्ध तेल के रूप में सरसों का तेल और मूंगफली का तेल उपयोग करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं | सरसों का तेल को लेकर घरेलू उपयोग में ज्यादा मांग बढ़ रही है जिससे किसानों और सरसों का बाजार वर्तमान में अच्छी चमक के साथ चल रहा है |

लंबे समय के तौर पर देखकर तो सरसों के भाव को लेकर बता दें कि देश में तिलहनी फसलों यानी तिलहनी खाद्य पदार्थों को लेकर देश में 35 से 40% का ही उत्पादन देश में होता है, बाकी का बचा तिलहनी फसलों को बाहर से मंगवाया जाता है इसलिए बता दें कि तिलहनी फसलों के भाव को लेकर भाव कभी कम नहीं होने वाले है |

किसानों की ओर से माने तो भावों को लेकर राजनीतिक मुंड बताया है- इस समय देश के कई हिस्सों में किसान आंदोलन भी चल रहा है, किसानों की मुख्य मांगों के अलावा तीनों कृषि बिल वापस लेने के अलावा एमएसपी को एक कानून बनाए जाने की मांग बनी हुई है |

MSP को गारंटी कानून बनाने के बाद है सरकार ने जो भाव तय कर दिया उसी भाव पर सरकार किसानों से फसल खरीदेगी, लेकिन वर्तमान में सरकार और बड़े व्यापारी वर्ग के सरसों के 8000 के भाव दिखाकर MSP कानून का खेल खत्म करना चाहते है, एमएसपी को कानून बनाने को लेकर इसे छुड़वाने जैसे राजनीति में चल रही है

वर्तमान में सरसों के यह भाव दिखाकर यह कहना है यह सरसों MSP से दो तीन हजार ऊपर के भाव मिल रहे हैं तो किसान MSP लेके क्या करेंगे |

किसान संघटनों और किसान नेताओ का मानना है की वर्तमान में उचे भाव को दिखाकर सीधे-सीधे तौर पर फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य का अर्थ खत्म करना चाहती है |

सरसों का भाव आज का कितना है?

सरसों की ताजा रिपोर्ट को लेकरदेखे तो नीचे दिए गए लिंक ओपन करके आप जान सकोगे कि देश की अलग-अलग मंडियों में सरसों के आज के क्या भाव है-

2021 में सरसों का भाव क्या रहेगा?

देश में तिलहनी फसलों यानी तिलहनी खाद्य पदार्थों को लेकर देश में 35 से 40% का ही उत्पादन देश में होता है, बाकी का बचा तिलहनी फसलों को बाहर से मंगवाया जाता है इसलिए बता दें कि तिलहनी फसलों के भाव को लेकर भाव कभी कम नहीं होने वाले है |

सरसों का सरकारी भाव क्या है?

सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य वर्ष 2021 के लिए 4650 रुपये प्रति क्विंटल रखा है |

सरसों का आज का भाव 2021?

सरसों की ताजा रिपोर्ट को लेकर देखे तो नीचे दिए गए लिंक ओपन करके आप जान सकोगे कि देश की अलग-अलग मंडियों में सरसों के आज के क्या भाव है-
Sarso ka bhav today
सरसों का आज का भाव 2021

सरसों मे तेजी के कारण ?

सरसों का तेल को लेकर घरेलू उपयोग में ज्यादा मांग बढ़ रही है जिससे किसानों और सरसों का बाजार वर्तमान में अच्छी चमक के साथ चल रहा है |

चने का भाव today | चने का भाव क्या है

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