[ पॉली हाउस क्या है 2022 ] ग्रीन हाउस पर सब्सिडी आवेदन – poly house in hindi

Last Updated on August 9, 2022 by [email protected]

पॉली हाउस और नेटहाउस पर सब्सिडी कितनी मिलती है | पॉली हाउस क्या है | पॉली हाउस बनाने के लिए ट्रेनिग कहाँ से ले 

आज के समय मे खेती की आधुनीक तकनीकों मे फसलों को छायादार और फसल के अनुकूल स्थान देकर खेती की जा रही है, जिसे ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, शेडनेट हाउस, नेट हाउस आदि के नाम से जानते हैं | पॉली हाउस/ नेट हाउस में की जाने वाली खेती को संरक्षित खेती भी कहते हैं, जिसे सरकार अनेक तरीकों से बढ़ावा दे रही है –

पॉली-हाउस-क्या-है

खेती के इस प्रकार में किसान फल-फूल-सब्जी के पौधों में जरूरी कारकों को नियंत्रण में करके पौधे को विकसित करता है, जिसे पूर्ण दक्षता के साथ उत्पादन मिलता है | सरकार किसानों की आय दुगनी करने और किसानो को बाजार भाव दिलाने के लिए खेती मे कई नए परिवर्तन ला रही है |

आइए जानते है पॉली हाउस से जुडी सम्पूर्ण जानकारी –

पॉली हाउस क्या है ?

पॉलीहाउस नाम से ही पता चलता है कि पॉलीथिन से बना हुआ खेती के लिए घर पॉलीहाउस कहलाता है | पॉली हाउस में तापमान आद्रता, वायु का बहाव, प्रकाश की तीव्रता आदि कारको को नियंत्रित कर सकते हैं | पौधों को उपयुक्त वातावरण देकर पौधों की उत्तम बढ़वार और अच्छा उत्पादन ले सकते हैं –

पॉली हाउस कितने प्रकार के होते है ?

पॉली हाउस मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं जो मुख्यतः देश में प्रचलित दो प्रकार के ही पॉली हाउस बनाए और ट्रेनिंग दी जाती हैं-

पॉली हाउसनेट हाउस/शेड नेट हाउस  ग्लास हाउस 
सरक्षित खेती के इस प्रकार्र मे खेत मे टेंट नुमा एक ढांचा तैयार किया जाता है और उस लोहे के पाइपों पर प्लास्टिक ढक कर पॉली घर बनाया जाता है | शेड नेट हाउस यह भी एक प्रकार का पॉली हाउस की तरह ही है लेकिन इसमें केवल छाया बनाए रखने के लिए ही काम में लेते हैं | छाया जाल हरा रंग या सफेद रंग का हो सकता है | शेड नेट हाउस में प्रकाश की किरणों को नियंत्रण में किया जाता है जो ग्रीन या सफेद जाल पर निर्भर करता है ग्रीन नेट 80%, 50% 40% 35% में मिलते हैं | 50% का मतलब इसमें प्रकाश की किरणें 1/2 ही पहुंच पाती है |आमतौर पर ग्लास हाउस का प्रयोग भारत देश में नए के बराबर है लेकिन जहां पहाड़ी इलाके हैं और वहां बरसात और बर्फबारी ज्यादा होती है वहां ग्लास हाउस का प्रयोग किया जाता है |

ग्लास हाउस देश के ट्रेनिंग स्थानों पे देखने को मिल सकते हैं लेकिन व्यवसायिक तौर पर ग्लास हाउस का प्रयोग देश में नहीं के बराबर है | विदेशों में यह ग्लास हाउस बहुत प्रचलित है जो उनके वातावरण पर आधारित बनाए जाते हैं |

पॉली-हाउस-क्या-है

पॉली हाउस और नेट हाउस में कौन-कौन सी सब्जियां उगाई जा सकती है ?

पॉली हाउस और नेट हाउस दोनों अलग-अलग प्रकार के होते हैं जिनमें खेती की फसलें और खेती करने का तरीका भी अलग अलग होता है –

पॉली हाउस मे उगाई जाने वाली सब्जीयाग्रीन हाउस मे उगाई जाने वाली सब्जीया
पॉली हाउस में मुख्य रूप से फूल वाले पौधे जिसमें विदेशी और देसी फूल भी शामिल होते हैं देश मे कंद वाले फूल और गेंदई वाले फूल 95% पॉलिहाउस मे ही करते है |नेट हाउस का अधिकतर किसान प्याज-सब्जी की पौध नर्सरी बनाने में |
पॉली हाउस में होने वाली मुख्य सब्जियां भी है जो पॉलीहाउस के बिना नहीं हो सकती जिसमें येलो, रेड, पिंक शिमला मिर्च, बेल वाले टमाटर इनकी ऊंचाई 10 से 15 फीट तक होती है | बीज रहित खीरे की खेती भी पॉलीहाउस में ही संभव है |फलदार छायादार पेड़ों के पौधों की नर्सरी बनाने में भी ग्रीन घर काम मे लिया जाता है जिसमें 50% प्रकाश की किरणों का आना होता है |
देश में मिलने वाली प्रमुख विदेशी सब्जियां पोली हाउस में ही होती है |देश में अधिकतर 50% किरणों वाली नेट जाल का ही प्रयोग किया जाता है |

पॉली हाउस पर सब्सिडी कितनी मिलती है- पॉलीहाउस मे खर्चा कितना आता है ?

देश मे हर समय सरकारे अपने राज्यो मे अलग-अलग योजनों के माध्यम से पॉली हाउस पर सब्सिडी देती रहती है | इसलिए किसान को पॉली हाउस पर सब्सिडी जानने के लिए अपने नजदीकी कृषि महाविधालय, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यान विभाग, जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर जानकारी लेवे |

पॉली हाउस बनाने के लिए ट्रेनिग कहाँ से ले ?

नेटहाउस और पॉलिहाउस की ट्रेनिग के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि महाविधालय, कृषि विज्ञान केंद्र,  उद्यान विभाग, जिला उद्यान अधिकारी, आदि इन जगहों पर पता करे की ट्रेनिग की कोई योजना/सुविधा चल रही है क्या | वैसे देश में हर राज्य में नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन/राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत बहुत सारे पोली हाउस बनाने और पोली हाउस के बारे में ट्रेनिंग जैसी बहुत सारी सुविधाएं दी जा रही है |

देश का कोई भी किसान पॉली हाउस का निर्माण और पोली हाउस में काम बिना ट्रेनिंग के नहीं करना चाहिए |

बिना ट्रेनिंग करे किसान खेती में अधिक लागत और नुकसान भी भुगत सकता है |

यह भी जरुर पढ़े …

टॉप मुनाफेदार बरसात के मौसम में उगाई जाने वाली सब्जियां

देश में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग क्या है – पूरी जानकारी

पीएम कुसुम सौलर पंप योजना 2022

पॉली हाउस क्या है 2022 – ग्रीन हाउस पर सब्सिडी

किसान पेंशन योजना की सम्पूर्ण जानकारी 2022

पॉलीहाउस के फायदे और नुकसान ?

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान किसी भी माह की सब्जियां-फूल- पौधे की पैदावार अच्छे भावों से ले सकता है | देश के अधिकतर कस्बों में जहां बारिश ज्यादा होती है वहां किसान को पॉलीहाउस लगाना चाहिए क्योंकि पॉलीहाउस में पानी का अंदर नहीं जाना होता है जबकि शेडनेट हाउस में पानी का अंदर जाता है |

  • सब्जियों की खेती करने के लिए अधिकतर किसान नेट हाउस का प्रयोग कर सकते हैं जबकि फूल और विदेशी सब्जियों की खेती के लिए  पोली हाउस का ही चयन करना चाहिए |
  • खेती के इन तरीकों से फसल वायुमंडलीय प्रदूषण से मुक्त और बाहरी रोगमुक्त फसल होती है |
  • देश में आज हर गांव कस्बे क्षेत्र में नर्सरी के लिए किसान अपना छोटा व्यवसाय चालू कर सकते हैं जिसमें हर किसान उच्च क्वालिटी गुणवत्ता की पौध तैयार कर सकता है |
  • किसान शेडनेट बनाकर उच्च गुणवत्ता की पौध और फसल तैयार कर सकते है |

पॉली हाउस और ग्रीन नेट के बारे मे और पॉली हाउस क्या है अधिक जानकारी जानिए पॉली हाउस प्रोजेक्ट PDF

Leave a Comment

error: Alert: Content is protected !!