[ जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग क्या है 2022 ] जानिए सुभाष पालेकर सिधांत – Zero Budget Natural Farming In India

Last Updated on July 14, 2022 by [email protected]

जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग क्या है | सुभाष पालेकर शून्य बजट खेती | Zero Budget Natural Farming in hindi | जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग राजस्थान | जीरो बजट प्राकृतिक खेती किसानों के लिए एक वरदान है

देश मे कृषि को लेकर काफी तकनीकी और नई-नई खोज होती आ रही है | इसी और बात करेंगे जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग क्या है, जो हाल ही मे सरकार और किसानो मे छाई हुई है | देश का किसान रासायनिक खेती से अब दूर होते हुए जैविक खेती का सहारा ले रहा है, लेकिन हाल ही मे महाराष्ट्र के एक किसान सुभाष पालेकर ने लाई है शून्य बजट खेती | शून्य बजट खेती के बारे मे जानकर आप हैरान रह जायेगे आइए जानते है शून्य बजट खेती की पूरी जानकारी

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किसान सुभाष पालेकर जी ने देश मे जीरो बजट खेती को लेकर इतना काम और प्रचार प्रसार किया की सरकार ने इन्हे पद्मश्री पुरुस्कार से सम्मानित किया है | शून्य बजट खेती खेती की शुरुआत दक्षिणी भारत के कर्नाटक राज्य से शुरू हुई जो अच्छे परिणामों और सुभाष पालेकर जी के प्रचार प्रसार से पूरे भारत मे फेली है | इस खेती के तरीकों को देश के लगभाग 40 लाख किसान अपना रखा है, सरकारी प्रयासो से आने वाले समय मे इन किसानो की संख्या मे कई बढ़ोतरी देखने को मिलेगी |

क्या है जीरो बजट फार्मिंग / जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग क्या है ?

सरकार और जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग से जुड़े किसानो का मानना है की ऑर्गेनिक खेती/जैविक खेती और जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग मे काफी अंतर है | इस प्रकार की खेती की विधि मे केवल और केवल गाय के गोबर और गोमूत्र का उपयोग कीया जाता है | जीरो बजट फार्मिंग मे किसान की लागत शून्य के बराबर आती है, फसल उत्पाद का भाव देखे तो एक ब्रांड के नाम से बकता है जिसकी कीमत 4-5 गुणी होती है |

गोवंश के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत, घनजीवामृत तथा जामन-बीजामृत बनाया जाता है जो फसल मे विधिवत तरीकों से प्रयोग मे लिया जाता है | खेती की इस विधि से होने वाले प्रमुख लाभ –

  • खेती मे कम लागत आती है |
  • भूमि के लिए बहुत ही फायदेमंद
  • क्षेत्र के अनुसार अच्छी पैदावार
  • कम लागत के साथ फसलों के अच्छे भाव
  • उत्पादित कृषि उत्पाद की देश की जागरूक आबादी की अनंत मांग

शून्य बजट प्राकृतिक खेती मे सरकार का क्या सहयोग ?

सरकार जीरो बजट फार्मिंग पर अपनी टीमे बना रही है तथा खेती की इस विधि को अपनाने की और किसानो को आगे ला रही है |

सुभाष पालेकर के अनुसार शून्य बजट खेती ?

यह महाराष्ट्र के एक किसान है जो जीरो बजट खेती को अपनाया है और आज देश के लाखों किसान इनके साथ जुड़े हुए है | सुभाष पालेकर जी का कहना है की शून्य बजट खेती पूर्ण रूप से प्रकर्तिक खेती है | यदि किसान के पास एक देशी नस्ल की गाय है, तो किसान अपनी 30 एकड़ की खेती कर सकता है वो भी अच्छे उत्पादन के साथ |

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