पीला मोजेक रोग वायरस 2022 सर्वोधिक दलहन फसलों को करता नष्ट – Yellow mosaic virus

Last Updated on August 9, 2022 by [email protected]

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यह रोग एक प्रकार से किसानों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है जो सामान्यतः दलहन फसलों में लगता है| उड़द, सोयाबीन, मूंग, आदि प्रकार के दलहन फसलों में काफी तेजी से फैलता है | पीला चितेरी फ़सली रोग इतना खतरनाक है की पूरे खेत की फसल को दो सप्ताह मे सुखा देता है |

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Yellow mosaic virus

पीला मोजेक रोग समान्यतः सफेद मक्खी के कारण फैलता है जो पौधे को अंतत है सुखा कर खत्म कर देता है | बिना निवारण से, किसानों को इस फसल बीमारी के प्रभाव से काफी ज्यादा नुकसान भुगतना पड़ सकता है |

पीला मोजेक रोग के फसलों में लक्षण ?

  • इस रोग के कारण फसल के शुरुआत में पत्तों पर हल्के पीले बिखरे हुए धब्बे दिखाई देते हैं |
  • इन लोगों का कार्य धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और दे बाद में पौधे की पूरी पति लुप्त हो जाती है यानी सूख जाती है 
  • रोगी पौधे की  ग्रोथ होना रुक जाती है तथा अन्य स्वस्थ पौधों की तुलना में देर से फसल देता है 
  • रोगी पौधे पर फूल और फलियां भी कम आती है और फलियों का आकार भी कम होता है और टेडी मेडी होती है जिसमें दाना भी सही ढंग से नहीं बनता है |
  • पीला मोजेक रोग फसलों में श्वेत मक्खी के द्वारा फैलता है |
  • यदि इस रोग की रोकथाम शुरुआत में नहीं करने पर धीरे-धीरे रोगी पौधे से सुस्त पौधों की ओर धीरे धीरे बढ़ता जाता है और पूरी फसल को खराब कर सकता है  |
  • 2020 के शुरुआत मे उतरी भारत के राज्यों मे सोयाबीन में पीला मोज़ेक वायरस बहुत अधिक गति से फेला था |
सोयाबीन में पीला मोज़ेक वायरस

पीला मोजेक रोग प्रबंधन कैसे करे ?

  • पीला मोजेक की दवा किसान इस रोग के लिए जैविक और रासायनिक कीटनाशक का उपयोग कर सकता है |
  • जैविक कीटनाशक के लिए किसान को नीम पत्तियों का घोल का खेत मे हल्का छिड़काव करना है |
  • किसान के खेत मे यह ज्यादा प्रभावी हो जाता है तो किसान को नजदीकी कृषि खाद बीज या कृषि विभाग से सलाह ले कर फसल को रोग मुक्त कराए |
  • इस प्रकार के रोगों से बचाने के लिए बीजों को बोलने से पहले उपचारित करना चाहिए ( Dimithoate / Imidaclopride ko 5 mili/ kg bij )
पीला मोजेक की दवा
  • खेत की बुवाई करते समय इस फसल के चारों ओर लगभग एक कतार ज्वार की फसल को देनी चाहिए |
  • खेत मे दलहन फसल के आस-पास खरपतवार कम से कम होने दे |
  • फसल में पीला मोजेक के कुछ भी लक्षण दिखाई दे तो उस पौधे को  शुरुआत में ही उखाड़ फेंक देना चाहिए  खेत से बाहर या इस पौधे को जला दें |
  • यह रोग श्वेत मक्खी के कारण से ही फैलता है, इसलिए श्वेत मक्की के प्रमुख रोकथाम के लिए भी व्यवस्था करें |
  • Mithail Demeton 25 EC / Dimithoat 30 ECइस दवा का 500 मिली दोष के हिसाब से के प्रति हेक्टर में खड़ी फसल पर छिड़काव करें |
  • मुख्यतः किसानों को श्वेत मक्खी की रोकथाम करनी चाहिए और दवा का छिड़काव 7 से 10 दिन के अंतराल मे करे |

 

तो आपको इसमे काफी जानकारी मिली जैसे – मोजेक रोग क्या है और इस रोग के रोकथाम आदि के बारे मे |

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