[ गुलाब की खेती 2023 ] यहाँ जानिए हाइब्रिड गुलाब की खेती, कमाई, उत्पादन तकनीक – Gulab ki kheti in hindi

Last Updated on December 17, 2022 by krishi sahara

गुलाब की खेती कैसे करें | गुलाब की खेती की उत्पादन तकनीक | गुलाब की किस्में | गुलाब की कटाई कब करें | Gulab ki kheti | गुलाब की वैज्ञानिक खेती | गुलाब की कलम किस महीने में लगाना चाहिए – जुडी सम्पूर्ण जानकारी –

देश मे नगदी और अच्छी आय वाली खेतियों मे जानी-मानी है, गुलाब की खेती हर साल हमारे देश से हजारों टन की मात्रा मे गुलाब का फूल निर्यात होता है, जिसकी खेती देश के बड़े पैमाने के रूप मे होती है| साल दर साल लगातार गुलाब की खेती और गुलाब फूलों का व्यापार भी बढ़ रहा है| सबसे पहले अमेरिका वो देश है जिसने गुलाब की व्यापारिक तौर पर खेती की थी फिर इसके बाद बाकी देशों ने गुलाब की खेती करना शुरू किया |

गुलाब-की-खेती
Rose Farming In Hindi

देश का किसान भी Gulab ki kheti करके अपनी कृषि आय को कई गुना बढ़ा सकता है, तो आइए जानते है भारत मे गुलाब की खेती की सम्पूर्ण जानकारी के बारे में – 

गुलाब का वैज्ञानिक नाम – 

Rosa Habrida यानि रोजा हाइब्रिडा है |

गुलाब की खेती कैसे शुरू करें ?

इस पुष्प की खेती देश के लगभग सभी हिस्सों मे की जा सकती है| गुलाब का अच्छा उत्पादन खेत की तैयारी, देख-रेख, मौसम, खाद-उर्वरक आदि पर निर्भर करता है, जिनकी बात आज विस्तार से करेंगे| गुलाब सबसे खूबसूरत और खुसबूदार पुष्पों मे से एक है, इसलिए बाजार मे इसकी पूरे साल मांग रहती है| देसी गुलाब की पहचान है की यह केवल लाल रंग का होता है और बाकि सभी तरह के गुलाब कलम विधि से ग्राफटेड होते है| देशी गुलाब की खसियत होती है की, ये 8 से 10 साल तक अच्छा उत्पादन(फूल) देता है और बाद मे धीरे-धीरे कम हो जाता है |

गुलाब खेती के लिए तापमान और मिट्टी ?

तापमान की बात करे तो दिन के समय 24°C से 32°C उत्तम माना जाता है| खुले खेतों के अलावा, पॉलीहाउस में गुलाब की खेती करते है तो गुलाब को दिन मे लगभग 4 से 5 घण्टे धूप का होना आवश्यक है इस खेती मे मृदा दोमट सबसे अनुकूल मानी गई है वेसे तापमान के अनुकूल सभी मिट्टी मे खेती संभव है |

गुलाब की खेती मे लागत ?

मुख्य रूप से देखा जाए तो अन्य बाकि फसलों  की तुलना मे लागत कम और कम समय मे अच्छा मुनाफा देने वाली खेती है 8 से 10 सालों के लिए केवल शुरुआत मे एक बार खेत को अच्छी तरह से तैयार करना है इसकी खेती मे लागत एक एकड़ के हिसाब से लगभग 30 से 35 हजार रुपये का खर्चा आ जाता है |

गुलाब के पौधे लगाने की विधि?

कोई भी किसान भाई गुलाब की पौध लगाना चाहता है तो इसे दो तरीकों से लगा सकता है, एक तो नर्सरी से पौध लाकर और दूसरा तरीका कलम विधि से सीधा खेत मे लगाकर किसान को गुलाब के पौधे कतार से कतार की दूरी 6-8 फिट की दूरी रखे और बात करे गुलाब के पौधे से पौधे की दूरी की तो 2 या 3 फिट की दूरी पर्याप्त होती है |

गुलाब की कलम कितने दिनों में लग जाती है?

यदि किसान नर्सरी या खेती कलम विधि से तैयार करता है तो कलम सेट होने में यानी जड़े चलने में 2 से 3 सप्ताह का समय लग जाता है| बहुत से किसान भाई या नर्सरी में गुलाब का पौधा बीज द्वारा तैयार करते है इसके लिए सबसे बड़ा सवाल रहता है की गुलाब का पौधा कितने दिन में उगता है – गुलाब के बीज को अंकुरित होकर मिटटी से बहार आने में 30 से 40 दिन तक का समय लग जाता है| बीज अंकुरित होने का यह समय निर्भर करता है, गुलाब की किस्म बीज पर |

गुलाब-की-खेती
Gulab Ki Kheti

सिंचाई कैसे करे और कब करे ?

गुलाब की खेती मे सिचाई की बात करे तो हर 8-10 दिन से सिंचाई करना चाहिए| सिंचाई करते समय ध्यान रखे की क्यारियों मे ज्यादा देर तक पानी जमा ना रहे बारिश के समय भी जल भराव का विशेष तोर से ध्यान रखे ग्रीष्मकाल मे समय-समय पर पानी देना जरूरी होता है नहीं तो उत्पादन मे भारी कमी आ सकती है |

गुलाब में अच्छे फूल आने के लिये कौन सा खाद डाले?

सबसे मुख्य उद्देश्य भी यही होता है ज्यादा फुल कैसे प्राप्त किये जाए लेकिन फसल कई प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के कारण बढवार और फुल आने कम हो जाते है| गुलाब में ज्यादा फूल आने के लिए 25 KG यूरिया और NPK की 12:32:16 ग्रेड की खाद को 22 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से दाल करके सिचाई कर देनी चाहिए यदि किसान पॉलीहाउस में गुलाब की खेती करता है तो खाद अपने अनुभव या कृषि सलाहकार के निर्देश से डाले |

गुलाब-की-खेती

गुलाब की कटाई कब करें ?

पौधे को बड़ा करना, नए कल्ले, नई पौध तैयार करने के लिए गुलाब की कटाई की जाती है| गुलाब की कटिंग हो जाने से नई फूटन और उत्पादन मे वृद्धि होती है| गुलाब की कटाई का सही और उत्तम समय दिसंबर का महीना माना जाता है| वैसे बाजार की मांग के अनुसार तो साल भर तक कई वैराईटियों की कटाई चलती रहती है |

गुलाब कितने रुपए किलो बिकता है?

गुलाब देखने मे जितना सुंदर है उससे ज्यादा इसके औषधीय गुण भी है इसी कारण गुलाब का उपयोग व्यापारीक स्तर पर किया जाता है | 

गुलाब के उत्पादफूल मंडी भाव 2023
गुलाब फूल का रेट 2022150 रुपये/किलोग्राम (100-400rs)
गुलाब की सूखी पत्ती400रुपये/किलोग्राम (300-700 rs)
गुलाब जल के भाव100 रुपये/लीटर

देश मे गुलाब की खेती कहाँ-कहाँ होती है ?

देश मे गुलाब की मांग की पूर्ति के लिए मुख्य रूप से तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, उतरप्रदेश, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, पश्चिम-बंगाल, आंध्रप्रदेश मे इसकी खेती की जाती है| देश के इन राज्यों से देश के अलावा गुलाब का विदेशी निर्यात भी किया जाता है| दक्षिणी भारत के मंगलकार्यों मे फूलों को बहुत महत्व दिया जाता है साथ ही गुलाब के फूलो पर आधारित हजारो कुटीर उद्धोग भी है |

गुलाब फसल की ग्रोथ कैसे बढ़ाए और सावधानियां ?

  • इस खेती मे गुलाब के पौधों मे सिचाई का बहुत महत्व होता है इसलिए सिचाई समय पर और उचित प्रबंधन से हो |
  • समय-समय पर गुलाब की क्यारियों की निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिये |
  • खरपतवार और रसायनीक दवा का प्रयोग कम से कम करे |
  • गुलाब के पौधे के 4 या 5 मुख्य टहनिया रखनी चाहिए जो लगभग 1 फिट से 2 फिट ऊंचाई तक रखे |
  • इस पौधे की टहनी कटाई के बाद कवक नाशक दवा के पेस्ट का जरूर लेप करे |
  • मौसम के अनुसार समय कर सिंचाई करते रहे |
  • खेत की क्यारियों या गुलाब के पौधे के पास, बरसात के समय ज्यादा देर (5-10 घण्टे) पानी न भरा रहे |

गुलाब की खेती के प्रमुख रोग ?

किसी भी प्रकार की खेती हो रोग जैसी समस्या जरूर होती है गुलाब की खेती मे लगने वाले प्रमुख रोंग –

  • दीमक रोंग
  • माहू रोंग
  • सल्क किट रोंग
  • पत्तो पर फफूंदी का प्रकोप
  • फूल पर इल्ली का प्रकोप
  • पौधो की बढवार रुकना/टहनिया सूखना
  • मिल्ड्यू रोग का प्रकोप
  • रस चूसक किट का लगना
  • पत्ती का सिकुड़ना

गुलाब की किस्में ?

ज्यादातर देश में खेती और बाजार में मांग होने वाली गुलाब की बीज वैराटिया इस प्रकार है –
1. मिनीएचर रोज सीड
2. हाइब्रिड तीज व्रिग
3. फ्लोरीबंडा किस्म
4. ग्रेंदिफ्लोरो बीज
5. पोलीलिएंथा

गुलाब कौन से महीने में लगाया जाता है?

सामान्य रूप से देखा जाए तो ज्यादातर किसान नर्सरी या ग्राफिट पौधे लगाते है, जिनका उचित समय सितम्बर और अक्तूबर का माह रहता है| बीज द्वारा बुवाई करता है तो इसके लिए नर्सरी तैयार से ही सम्भव है, जो अप्रेल-मई में तैयार होती है| अधिक जानकारी के लिए – गुलाब की खेती PDF

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