देश के किसान करे गुलाब की खेती और जानिए फूल मंडी भाव 2021

गुलाब की खेती | गुलाब लगाने की विधि | देसी गुलाब की पहचान | गुलाब की कलम किस महीने में लगाना चाहिए | गुलाब की कटाई कब करें | गुलाब लगाने की विधि | पॉलीहाउस में गुलाब की खेती | गुलाब की किस्में

देश मे नगदी फसलों मे जानी-मानी खेती मे एक गुलाब की खेती भी है | हर साल हमारे देश से हजारों टन की मात्रा मे गुलाब का फूल निर्यात होता है, जिसकी खेती देश के बड़े पेमाने के रूप मे होती है | साल दर साल गुलाब की खेती और गुलाब फूलों का व्यापार भी बढ़ रहा है | सबसे पहले अमेरिका वो देश है जिसने गुलाब की व्यापारिक तौर पर खेती की थी फिर इसके बाद बाकि देशों ने गुलाब की खेती करना शुरू किया | आइए जानते है भारत मे गुलाब की खेती की पुरी जानकारी – 

गुलाब-की-खेती

गुलाब का वैज्ञानिक नाम – 

Rosa Habrida यानि रोजा हाइब्रिडा है |

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गुलाब की खेती सम्पूर्ण जानकारी 

इस पुष्प की खेती देश के लगभग सभी हिस्सों मे की जा सकती है | गुलाब का अच्छा उत्पादन खेत की तैयारी, देख-रेख, बाजार भाव आदि पर निर्भर करता है | गुलाब सबसे खूबसूरत और खुसबूदार पुष्पों मे से एक है, इसलिए बाजार मे इसकी पूरे साल मांग रहती है | देसी गुलाब की पहचान है की यह केवल लाल रंग का होता है और बाकि सभी तरह के गुलाब कलम विधि से ग्राफटेड होते है | देशी गुलाब की खसियत होती है की ये 8 से 10 साल तक अच्छा उत्पादन(फूल) देता है और बाद मे धीरे-धीरे कम हो जाता है |

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तापमान और मिट्टी

तापमान की बात करे तो दिन के समय 24*C से 32*C का तापमान सबसे ज्यादा अनुकूल माना जाता है | पॉलीहाउस में गुलाब की खेती करते है तो गुलाब को दिन मे लगभग 4 से 5 घण्टे धूप का होना आवश्यक है | इस खेती मे मृदा दोमट सबसे अनुकूल मानी गई है वेसे तापमान के अनुकूल सभी मिट्टी मे खेती संभव है | 

गुलाब की खेती मे लागत

मुख्य रूप से देखा जाए तो अन्य बाकि फसलों  की तुलना मे लागत कम और कम समय मे अच्छा मुनाफा देने वाली खेती है | 8 से 10 सालों के लिए केवल शुरुआत मे एक बार खेत को अच्छी तरह से तैयार करना है | इसकी खेती मे लागत एक एकड़ के हिसाब से लगभग 30 से 35 हजार रुपये का खर्चा आ जाता है |

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गुलाब के पौधे लगाने की विधि

कोई भी किसान भाई गुलाब की पौध लगाना चाहता है तो इसे दो तरीकों से लगा सकता है, एक तो नर्सरी से पौध लाकर और दूसरा तरीका कलम विधि से सीधा खेत मे लगाकर | किसान को गुलाब के पौधे

कतार से कतार की दूरी 6-8 फिट की दूरी रखे | और बात करे गुलाब के पौधे से पौधे की दूरी की तो 2 या 3 फिट की दूरी पर्याप्त होती है |

गुलाब-की-खेती

सिचाई कैसे करे और कब करे

गुलाब की खेती मे सिचाई की बात करे तो हर 8-10 दिन से सिचाई करना चाहिए | सिचाई करते समय ध्यान रखे की क्यारियों मे ज्यादा देर तक पानी जमा ना रहे | बारिश के समय भी जल भराव का विशेष तोर से ध्यान रखे | ग्रीष्मकाल मे समय-समय पर पानी देना जरूरी होता है नहीं तो उत्पादन मे भारी कमी आ सकती है |

खाद उर्वरक कौनसा दे 

गुलाब की खेती मे खाद डालते समय सावधानी रखनी होती है क्योंकि इसकी खेती मुख्य रूप से लंबे समय के लिए होती है इसलिए ज्यादा से ज्यादा जैविक खाद का प्रयोग करना चाहिए | जैविक खाद/ देशी खाद ज्यादा अच्छा रहता है गुलाब की खेती मे | यदि किसान पॉलीहाउस में गुलाब की खेती करता है तो खाद अपने अनुभव या कृषि सलाहकार के निर्देश से डाले |

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गुलाब की कटाई कब करें

पौधे को बड़ा करना, नए कल्ले, नई पौध तैयार करने के लिए गुलाब की कटाई की जाती है | गुलाब की कटिंग हो जाने से नई फूटन और उत्पादन मे वृद्धि होती है | गुलाब की कटाई का सही और उत्तम समय दिसंबर का महीना माना जाता है |

गुलाब-की-खेती

गुलाब के फूलों की खेती व्यापार

गुलाब देखने मे जितना सुंदर है उससे ज्यादा इसके औषधीय गुण भी है इसी कारण गुलाब का उपयोग व्यापारीक स्तर पर किया जाता है | 

गुलाब के उत्पादफूल मंडी भाव 2020
गुलाब फूल का रेट 2021150रुपये (100-400rs )
गुलाब की सूखी पत्ती400रुपये (300-700 rs )
गुलाब जल के भाव60 रुपये

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देश मे गुलाब की खेती कहाँ-कहाँ होती है ?

देश मे गुलाब की मांग की पूर्ति के लिए मुख्य रूप से तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, उतरप्रदेश, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, पश्चिम-बंगाल, आंध्रप्रदेश मे इसकी खेती की जाती है | देश के इन राज्यों से देश के अलावा गुलाब का विदेशी निर्यात भी किया जाता है | दक्षिणी भारत के मंगलकार्यों मे फूलों को बहुत महत्व दिया जाता है साथ ही गुलाब के फूलो पर आधारित हजारो कुटीर उद्धोग भी है |

गुलाब की खेती मे प्रमुख सावधानीया

  • इस खेती मे गुलाब के पौधों मे सिचाई का बहुत महत्व होता है इसलिए सिचाई समय पर और उचित प्रबंधन से हो |
  • समय-समय पर गुलाब की क्यारियों की निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिये |
  • खरपतवार और रसायनीक दवा का प्रयोग कम से कम करे |
  • गुलाब के पौधे के 4 या 5 मुख्य टहनिया रखनी चाहिए जो लगभग 1 फिट से 2 फिट उचाई तक रखे |
  • इस पौधे की टहनी कटाई के बाद कवक नाशक दवा के पेस्ट का जरूर लेप करे |
  • मौसम के अनुसार समय कर सिचाई करते रहे |
  • खेत की क्यारियों या गुआब के पौधे के पास, बरसात के समय ज्यादा देर(5-10 घण्टे) पानी न भरा रहे |

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गुलाब के प्रमुख रोग

किसी भी प्रकार की खेती हो रोग जैसी समस्या जरूर होती है गुलाब की खेती मे लगने वाले प्रमुख रोंग –

  • दीमक रोंग
  • माहू रोंग
  • सल्क किट रोंग

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