किसान समस्या, किसान हुआ परेशान2020-21 कोई नहीं सुनता समस्या

किसान समस्या | किसान की आर्थिक स्थिति समस्या और समाधान | किसानों की समस्या और उपाय | भारत में किसानों की स्थिति पर निबंध | किसानों की आत्महत्या | भारतीय कृषि की समस्या |

भारत प्रदेश की पहचान एक कृषि प्रधान देश के तौर पर जानी जाती है पर फिर भी वर्तमान सरकारी आकड़ों एव कृषि की दशा बया करती, किसान के हाल बेहाल है | कृषि भारतीय अर्थवएवस्था और भार

त की आत्मा है और फिर भी आज खराब हालत पर kisan की समस्या पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है सिर्फ और सिर्फ राजनीति मे फसा रखा है | तो नजर डालते है किसानों की प्रमुख समस्याए और इन kisan-samsya का जिम्मेदार कौन है |

किसान आत्महत्या क्यों ? किसान कर्जे मे डूबा क्यों ? क्या किसान आराम करना चाहता है ? किसान गरीब क्यों ? क्या किसान कम मेहनत करता है ? क्या किसान को खेती छोड़ देनी चाहिए ? किसान को खेती छोड़ कर राजनीति और भ्रस्टाचार मे आ जाना चाहिए ? किसान की किस्मत मानसून और सरकार पर निर्भर है ? क्यों परेशान है देश का किसान ?

किसान समस्या
भारतीय कृषि की समस्या / किसान समस्या

किसान समस्याओ के सरकारी आकडे kisan samsya ke sarkari aakde ?

  • 2001 के आकड़ों के अनुसार देश के 70 लाख किसान खेती करना छोड़ दिया |
  • भारत की अर्थव्यवस्था कृषि का योगदान सन 1950 मे 50% था जो 2015-16 मे घटकर 15.4 % रह गया है |
  • महाराष्ट्र लगातार देश मे किसान आत्महत्या के मामले मे नंबर पहले पर बना हुआ है जो 2016 मे 3661 किसानों मे आत्महत्या की है |
  • “राष्ट्रीय अपराध लेखा कार्यालय” द्वारा जारी आँकड़ों मे 1995 से 2016 के बीच कुल 3,33,407 ( 3 लाख, 33 हजार, 407 ) किसानों ने आत्महत्या की है।
  • कर्नाटक देश मे दूसरे नंबर पर साल 2016 मे 2079 किसान आत्महत्याए हुई है |

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कर्ज मे किसान परिवार की हालत Condition of farmer family ?

  • लघु एव सीमंत किसान की गरीबी पूरी दुनिया मे प्रशिद्ध है | किसान परिवार का पूरा जीवन खेती बाड़ी उत्पादित फसल की आय पर निर्भर रहती है और यह आय भी मानसून एव सरकार पर निर्भर रहती है |
  • लघु एव सीमान्त किसानों की हालत इतनी गरीबी से गुजर रही है की वो अपने खुद का बीज ,जुटाई , बच्चों की पढ़ाई-लिखाई ,परिवार की हारी-बीमारी,आदि कामों के लिए आर्थिक तंगी से झुझता रहता है |
  • बैंकों ,साहूकारों ,सेठ ,रिस्तेदारों आदि से कर्ज लेकर अपने कामों को करने मे लगा रहता है ,और कर्ज जाल मे फसकर अपने परिवार एव खुध के सपनों को राम भरोसे छोड़ देता है नतीजा गरीबी की गरीबी |
  • कर्ज जाल मे फसकर किसान परिवार को गांव के दलालों द्वारा परेशान किया जाता है। वह बेंक, साहूकारो का पैसा लोटने से परेशान रहते इसलिए वह नहीं तो अपनी फसल का आनंद ले पता है, भूमि बेचना ,खेती छोड़कर अन्य मजदूरी ,आत्महत्या ,आदि उपाय अपनाता है | और साथ ही साथ किसान परिवार भी अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई छूट जाती है ,शादी-विवाह,कपड़े रिश्ते नाते आदि कामों मे अपना साधारण सा जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाते है |
  • एक कृषि प्रधान देश का किसान सबकी भूख मिटाने वाला किसान आज खुद समस्याओ से झुझ रहा है ,इसलिए सरकारों ,विपक्ष पार्टियों ,गाँव से लेकर सरकार तक कृषि प्रसासन, किसान समस्या पर गंभीरता से ध्यान मे लेवे | किसान समस्याओ पर औछी राजनीति बंद करे ताकि कृषि प्रधान देश की साख पर कोई आंच ना आए |
किसान-समस्या
किसान समस्या

किसानों की खराब हालात का जिम्मेदार कौन है kisan smsya ka jimedar koun?


आजादी के बाद से लेकर अब तक भी किसानों की हालत वेसी की वेसे बनी हुई है लगभग 19-20 का फर्क दिखाई देता है | भारत मे किसान की खराब हालत का जिम्मेदार फैला भ्रस्टाचार ही है जिसका पता आपको है, शीर्ष सरकारो के द्वारा निकले गए प्लान , योजनाए ,कार्यकमो को किसान धरातल पर पहुचने से पहले ही लगभग पूरा कर दिया जाता है |

किसानों की समस्याओ पर काम कम और राजनीति ज्यादा होती है | वोट बेंक ज्यादा होने के चक्र चुनावी मौसम मे किसानों को वो ही समस्याए सुनाई जाती है जो पिछले दशकों से चली आ रही है |

किसान अपनी फसल बेचना , पंजीयन कराना , आदि संबधित कामों को करने के लिए पहले 10 जगह विभागों के हस्ताक्षर करने होते है जो एक आशिक्षत किसान कर पाना कठिन होता है,और वहा पर भी फेले भ्रस्टाचार के कारण किसान को बहुत चक्कर लेने पड़ते है |

किसानों की प्रमुख समस्याएं जो हर रोज मीडिया छपती रहती है
problems of farmers media published everyday –

  • सोसायटी में हुई यूरिया की कमी, किसान हुए परेशान अब दूसरे आस पास के शहरों से ला रहे है यूरिया –
  • सरकार ने विदेशों से मगाए दुग्ध पाउडर एव कृषि उत्पाद, किसानों की बड़ी चिंता भूख हड़ताल शुरू –
  • ट्रांसफार्मर खराब होने से किसान परेशान आ रहे है low वोल्टेज –
  • राजस्थान सरकार किसानों की जमीन कराएगी बेंकों से मुक्त |
  • किसानों पहुचे विभिन्न किसान समस्या को लेकर एसडीएम कार्यालय, सौंपा ज्ञापन-
  • किसानों के साथ हो रहा है धोखा भूमि विकास बैंक अधिक वसूल रहा ब्याज-
  • सहकारी दुकानों में नहीं मिल रही खाद, भटक रहे किसान-
  • किसान समस्या का कब होगा निराकरण ,विभागों मे बरती जा रही लापरवाही-
  • साहूकारी कर्ज से परेशान किसान ने लगाई फांसी , सुसाइड नोट में है कर्ज का जिक्र-
  • अधिकारियों को किसानों ने गिनाई किसान समस्या –
  • एसडीएम ने खेतों का दौरा कर जलभराव की समस्या के समाधान के दिए निर्देश-
  • किसान सभा ने कार्यालय के बाहर किया विरोध-प्रदर्शन-
  • किसान बोले,खेतों से दूर लगाओ उद्धोग, प्रदूषण से चौपट हो रही खेती-
  • पिछले जोड़कर भेजे खेतों के बिल, ठीक कराने के लिए किसान खा रहे धक्के­-
  • नहीं ली सूखे खेतों की सुध सरकार , तो अपनी किस्मत अब खुद लिखेंगे यहां के किसान-
  • बिजली और नहर का पानी दिलाएं, समस्याओं से जूझ रहे किसान-
  • कोरोना ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत, अब तक एक हजार ने की आत्महत्या महाराष्ट्र-
  • किसानों और मजदूरों की समस्या को लेकर किया धरना प्रदर्शन-
  • यूरिया लेने के लिए केंद्र पर उमड़े किसान एक दिन मे साफ –
  • कोरोना एव टिडियो के दुष्चक्र में पिसे किसान बड़ी किसान समस्या, कैसे डबल होगी अन्नदाता की आमदनी-
किसान-समस्या
किसान समस्या / किसान समस्या

भारतीय किसानों की मूलभूत समस्याए ? Basic problems of Indian farmers –

  1. किसान भूमि पर अधिकार
  2. फसलों का सही मूल्य नहीं होना
  3. सिचाई व्यवस्था का अभाव
  4. अच्छे बीजों का अभाव
  5. खेतों की मिट्टी का क्षरण
  6. मशीनरी यंत्र का अभाव
  7. परिवहन की समस्या
  8. समुचित भंडार का ना होना
  9. पूंजी की कमी होना
  10. किसान पर राजनीति
  11. सरकारी योजना का लाभ न मिलना |

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धन्यवाद

-R.Kumawat

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