[ फसल गिरदावरी रिपोर्ट 2022 ] जानिए फसल की गिरदावरी कैसे करें, क्यों जरूरी है, गिरदावरी कहाँ कराए – गिरदावरी प्रमाण पत्र

Last Updated on September 7, 2022 by [email protected]

किसान भाईयो हमारे भारत देश में फसल गिरदावरी की रिपोर्ट वर्ष में दो बार तैयार होती है, एक बार तो रबी फसल के दौरान और दूसरी बार खरीफ फसल के दौरान। बहुत से किसान भाईयो को फसल गिरदावरी की पूरी जानकारी नही होती है। उन्हें नही पता होता है की फसल गिरदावरी क्या है? फसल गिरदावरी का मुख्य उद्देश्य क्या है? आखिर क्यों सभी राज्य सरकारें इसकी रिपोर्ट मांगती है? इस सब का क्या कारण है, इस सभी विषयों की जानकारी आपको आज के इस लेख में मिलने वाला है।

फसल-गिरदावरी-रिपोर्ट

आज के समय कई राज्यों मे फसलों की गिरदावरी आप अपने घर बैठे मोबाइल भी तैयार कर सकते है। समय के हिसाब से जिस प्रकार से तकनीकी क्षेत्र में विकास हो रहा है ठीक उसी प्रकार ही अब पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो रहा है, अब छोटे से बड़े काम ऑनलाइन के मध्यम से ही सफल हो रहे है।मोबाइल एप्लिकेशन के मध्यम से ई-फसल गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर सकते है, जानने के लिए यह आर्टिकल पूरा ध्यान से अंत तक पढ़े।

फसल गिरदावरी रिपोर्ट 2022 –

पोर्टल का नाम / सुविधा का नामफसलों की गिरदावरी
मुख्य उद्देश्यखेत मे बोई जाने वाली फसलों का रिकॉर्ड ओर नुकशान के समय भरपाई
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन या राजस्व शाखा मे जाकर
आवेदन के प्रकारराजस्व शाखा मे पटवारी द्वारा या कुछ राज्यों मे मोबाइल एप्लिकेशन या ऑफिसियल वेबसाइट के मध्यम से आवेदन कर सकते है |

गिरदावरी रिपोर्ट क्या होती है?

सरकार का राजस्व विभाग खरीफ ओर रबी फसलों के लिए हर साल फसल गिरदावरी रिपोर्ट जारी करता है ताकि किसानों की फसलों का लेख-जोखा ओर प्राकृतिक नुकसान के समय भरपाई हो सके | सरकार किसानों से यह रिपोर्ट इस लिए तैयार करती है क्योंकि सरकार को भी अंदाजा लगे की किसना ने इस वर्ष कौनसी फसल करी है और कितने हेक्टर में यह फसल करी है, इस रिपोर्ट का लाना यह भी सरकार का एक मुख्य उद्देश्य हो सकता है।

फसल गिरदावरी 2022 की रिपोर्ट तैयार करने के लिए अब सभी राज्यो में सरकार ने ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है, ताकि किसान अपनी रिपोर्ट खुद ही बना सके।

मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र के किसान खुद की फसल की बुआई की जानकारी इस रिपोर्ट के ऑफिसियल वेबसाइट कर सकता है, जिससे की यह जानकारी सरकार तक पहुंच जाएगी |

फसल गिरदावरी का उद्देश्य क्या है ?

फसल गिरदावरी के मध्यम से सरकार को पता चलता है, की किसने क्षेत्र में कौनसी फसल थी। इस रिपोर्ट को लाने का एक उद्देश्य यह भी हो सकता है की किसानों को फसल में प्राकृतिक नुकसान की भरपाई हो सके।

पहले यह रिपोर्ट केवल ऑफलाइन पटवारी की अध्यक्ष्यत में तैयार होती थी परंतु बढ़ते तकनीकी क्षेत्र से यह रिपोर्ट ऑनलाइन भी जारी होने लगी। जिन राज्यों ओर किसानों को गिरदावरी की ऑनलाइन नहीं कराना है वो नजदीकी राजस्व शाखा मे जाकर अपनी फसल की गिरदावरी करा सकता है |

फसल की गिरदावरी कराने के फायदे ?

फसल गिरदावरी करने के अनेक लाभ है परंतु इसका मुख्य लाभ यह है –

  • यदि बारिश कम हो या फिर ज्यादा वर्षा होने पर सरकार आपकी गिरदावरी के हिसाब से फसल के नुकसान की भरपाई करेगी या फिर सहायता राशि प्रदान करेगी।
  • यदि बीमित फसल के खराब होने या प्रकर्तिक नुकसान की भरपाई हेतु, फसलों पर बीमा कराने वाली कंपनियों पर आप दावा कर सकते है |
  • अपने खेती के तरीकों मे सुधार ओर कई लाभकारी योजनाओ को लाने मे राजस्व का लगातार फसल गिरदावरी रिपोर्ट बहुत मायने रखता है |

फसलों की गिरदावरी कब करानी चाहिए ?

किसानों को फसल गिरदावरी तब जरूर करना चाहिए, जब उसे लगे की मेरी फसल नुकसान हो रहा है या हुआ है | यदि आपकी फसल सूखे की वजह से या फिर अत्यधिक वर्षा होने पर आपकी फसल नष्ट होती दिखाई दे रही है तो आप इस समय फसलों की गिरदावरी आवश्य करवा ले इससे आपकी फसल के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी |

आज के समय गिरदावरी कराने की प्रमुख सुविधाये ?

पहले फसल गिरदावरी की रिपोर्ट तैयार करने के लिए पटवारी या फिर अन्य सरकारी कर्मचारियों के पीछे चक्कर लगने पड़ते थे। परंतु आज के समय में ऐसा बिलकुल भी नही है, आज आप फसल गिरदावरी की रिपोर्ट आप अपने मोबाइल फोन से भी तैयार कर सकते है या फिर आप ई-फसल गिरदावरी के लिए आप इस की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन मध्यम से बना सकते है। नोट- जिन राज्यों मे राजस्व सुविधाओं की ऑनलाइन व्यवस्था नहीं है, वे अपनी फसल के लिए राजस्व शाखा मे जाकर अवश्य कराये |

गिरदावरी प्रमाण पत्र क्या है ?

गिरदावरी प्रमाण पत्र कृषि से संबंधित एक आधिकारिक प्रमाण पत्र या दस्तावेज होता है। इस प्रमाण पत्र मे आपके खेत मे हुई फसल की सम्पूर्ण जानकारी होती है, जैसे बुवाई का रकबा, ओसत उत्पादन, बुवाई सीजन, फसल दशा आदि |

गिरदावरी प्रमाण पत्र कौन जारी करता है ?

ऑफलाइन माध्यम से तैयार होने वाले गिरदावरी प्रमाण पत्र, राजस्व के पटवारी कर्मचारी द्वारा जारी होता है |

फसलों की गिरदावरी कराने की फीस ?

फसलों की गिरदावरी कराने के लिए आपसे किसी भी प्रकार का शुल्क / रुपए नही लिए जाते है, सरकार की और से यह रिपोर्ट तैयार करना बिलकुल ही फ्री है |

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