टमाटर की खेती 2022 : हाइब्रिड टमाटर की खेती कब और कैसे करें – tomato farming in hindi in india

Last Updated on July 27, 2022 by [email protected]

देशी टमाटर की खेती | हाइब्रिड टमाटर की खेती | बरसात में टमाटर की खेती कैसे करें और कब करें | जुलाई में टमाटर की खेती | टमाटर की खेती कैसे करें | टमाटर की खेती करोड़पति कैसे बने

देश के किसान अपनी आय मे वृद्धि और खेती को मुनाफे में बदलने हेतु कई कृषि तकीनीकी को अपनाते है, जिसमे से एक टमाटर की खेती भी है | किसान कम लागत और खेती मे लाभ कमाने के हिसाब से बाजार की मांग पर सब्जी फसलों खेती कर सकते है | आज के समय देश के कई किसान भाई टमाटर की जैविक खेती, हाइब्रिड टमाटर की खेती, बरसात में टमाटर की खेती, पॉलीहाउस में टमाटर की खेती करके अच्छी आय कमा रहे है –

आइए जानते है टमाटर की खेती कैसे की जाती है पूरी जानकारी –

टमाटर-की-खेती

टमाटर की खेती की पूरी जानकारी कब और कैसे करें ?

सब्जी फसलों की खेती करना सामान्य खेती से कई गुना लाभ दिला सकती है | देश में बड़े शहरो के 100-200 KM नजदीकी लगने वाले ग्रामीण किसान टमाटर की खेती करके करोड़पति बन रहे है और खेती के लिए कई उन्नत तकनीक पॉलीहाउस, सिंचाई सिस्टम, मशीनों का उपयोग कर रहे है –

टमाटर की खेती का समय –

टमाटर की फसल साल मे तीन बार ले सकते है | टमाटर की खेती किसान शीत मौसम, गर्मी और बरसात किसी भी समय टमाटर की खेती की जा सकती है | लेकिन टमाटर की खेती का अनुकूल समय सर्दी का है और देश मे इसी ऋतु मे सर्वोधिक क्षेत्र मे खेती होती है |

बरसात में टमाटर की खेती के लिए जुलाई से अगस्त महीने में इसकी बुवाई कर सकते हैं तथा अक्टूबर महीने में इसके फल तैयार हो जाते हैं |

गर्मी के मौसम की खेती की बात करें तो दिसंबर जनवरी में इसकी बुवाई कर सकते हैं तथा वहीं से दो-ढाई महीने लग जाते हैं | टमाटर के फल लेने के लिए फसल के मार्च में फल तुड़ाई के लिए तैयार हो जाएगी |

टमाटर-की-खेती

अनुकूल जलवायु और तापमान –

इसकी खेती के लिए उत्तम और सही तापमान 18 से 28 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान बहुत ही अच्छा माना जाता है | 35-37 सेन्टीग्रेट तापमान पर फूल और फल गिरने लगते है, तो इससे (18-28) ज्यादा या कम तापमान होता है तो यह हिमीडिटी के कारण टमाटर की क्वालिटी काफी खराब और कमजोर हो जाती है |

टमाटर फसल में उपयुक्त मिट्टी –

टमाटर की खेती भारत के लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है | दोमट मिट्टी मे टमाटर की कोई भी किस्म सर्वोधिक फल-फूलती है | लेकिन वहां टमाटर की पौध या खेती ना करें जहां बारिश होने के पश्चात पानी भरा रहे या पानी निकलने में काफी समय लग जाता है |

टमाटर की खेती के लिए खेत कैसे तैयार करें ?

खेत की मिट्टी की जाँच कराए कोई फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों की कमी को दूर करे | खेत मे जैविक खाद का उपयोग कर हल या कल्टीवेटर के सहायता से खेत को अच्छी तरह से मिट्टी पलटी करा के खेत तैयार कर सकते है |

टमाटर की उन्नत किस्में / टमाटर की हाइब्रिड किस्में –

इसकी खेती के लिए उन्नत किस्मों की बात करें तो तो किसान को अपने क्षेत्र के हिसाब से प्रचलित टमाटर की किस्म का ही प्रयोग करना चाहिए | टमाटर का बीज कहां मिलेगा इसके लिए किसान नजदीकी कृषि सेवा केंद्र या पंजीकर्त खाद बीज कई दुकान से खरीद सकते है | टमाटर की देशी और हाइब्रिड बीज की किस्मे

टमाटर की देशी बीज की किस्मेटमाटर हाइब्रिड बीज की किस्मे
पूसा रूबी, पूसा – 120, पूसा शीतल, पूसा गौरव , अर्का सौरभ , अर्का विकास, सोनालीपूसा हाइब्रिड-1, पूसा हाइब्रिड -2, पूसा हाइब्रिड -4, अविनाश-2, रश्मि तथा निजी क्षेत्र से शक्तिमान, रेड गोल्ड, 501, 2535 उत्सव,

टमाटर की बुआई और बीजउपचार –

टमाटर की बुआई / नर्सरी तैयारी से पहले बीजों को उपचारित करे जिसके लिए थाइरम या मेटालाक्सिल दवा का प्रयोग करे |

किसान एक हेक्टेयर मे टमाटर की नर्सरी के लिए 350 ग्राम से 420 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है | किसान हाइब्रिड बीज से नर्सरी मे 150 से 200 ग्राम बीज की जरूरत होती है | 

टमाटर-की-खेती

टमाटर की नर्सरी कैसे तैयार करें ?

टमाटर की नर्सरी बहुत ही सावधानी से करनी चाहिए क्योंकि नर्सरी में फंगस, डैंपिंग की समस्या आती है टमाटर की नर्सरी किसान दो तरीके से कर सकते हैं 

  1. प्लास्टिक प्रो ट्रे तरीका | 
  2. समतल जगह मे मिट्टी को समतल कर जैविक खाद मिलकर टमाटर की नर्सरी (बेड विधि ) |

टमाटर फसल की खरपतवार नियंत्रण ?

टमाटर की खेती मे सिचाई बागवानी फसलों की तरह से ही करनी चाहिए जिससे फसल और उत्पादन मे काफी लाभ होगा | इस खेती मे समय-समय पर खरपतवार का भी ध्यान रखना चाहिए जिसमे फसल मे अनावश्यक पौधे,खरपतवार आदि |

टमाटर की खेती मे सिंचाई –

विशेष तौर से इस फसल की खेती मे सिचाई का संतुलन सही होना चाहिए जिससे पौधों को किसी भी प्रकार का नुकसान या समस्या न हो | किसानो को गर्मी की फसल मे 6 से 10 दिन के अंतराल मे सिचाई करे और शीत ऋतु मे 10 से 18 दिनों के अंतराल मे सिचाई करे | 

टमाटर फल की तुड़ाई –

जब खेत मे टमाटर की फसल मे फल हल्के लाल हो जाए तब फलों को तोड़ लेना चाहिए | हल्के लाल टमाटर को जल्द से जल्द नजदीकी मंडियों/बाजार मे पहुचा देना चाहिए | बड़े क्षेत्र मे होने वाली टमाटर की खेती के लिए टमाटरों की तुड़ाई बाजार तक पहुचने मे लगने वाले समय के अनुसार तुड़ाई करनी चाहिए | किसान को उचित समय पर फलों की तुड़ाई ज्यादा बाजार और मुनाफा देती है |  

टमाटर की खेती के रोग –

आर्द्र-गलन / डैम्पिंग रोंग, झुलसा रोंग, टमाटर फल संडन रोंग जैसे प्रमुख रोग इस फसल मे अक्सर होते है | टमाटर की खेती मे इन रोंगों के कारण हरा तैला, सफेद मक्खी, फल छेदक कीट भी तेजी से फेलता है |

टमाटर-की-खेती

टमाटर का उत्पादन कितना होता है?

उत्पादन की बात करे तो अच्छी तरह से तैयार खेत मे टमाटर की औसत उपज 350 से 480 क्विंटल/हेक्टेयर तथा  टमाटर की हाइब्रिड किस्में की उपज 700-800 क्विंटल/हेक्टेयर तक हो जाती है।

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