[ ड्रैगन फ्रूट की खेती 2022 ] ड्रैगन फ्रूट के पौधे कहां मिलेंगे – गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक

Last Updated on July 17, 2022 by [email protected]

ड्रैगन फ्रूट के पौधे कहां मिलेंगे | ड्रैगन फ्रूट की खेती | ड्रेगन फ्रूट के फायदे | ड्रैगन फ्रूट की कीमत | ड्रैगन फ्रूट कहां पाया जाता है | राजस्थान में ड्रैगन फ्रूट की खेती | ड्रैगन फ्रूट के बीज | ड्रैगन फ्रूट शेती | dragon food ki kheti

ड्रैगन फ्रूट की खेती अब भारत मे भी इसकी शुरुआत हो चुकी है | महंगा फ्रूट्स होने के कारण पहले इसे विदेशो से आयत किया जाता था, लेकिन भारत सरकार के सहयोग से इस खेती को अब देश में बढ़ावा मिल रहा है | ड्रैगन फूड की खेती पहले इजराइल, थाइलेंड, मलेशिया, श्रीलंका मे काफी समय से होती आ रही है | इस फल की मांग और भाव के कारण भारत के किसान भाई इसे व्यवसाय के रूप मे अपना रहे है |

ड्रैगन-फ्रूट-की-खेती

स्वाद मे काफी मिट्टा, देखने मे सुंदर अंदर से लाल फल अपनी खूबियों से भरपूर है | सर्वोधिक इस फल को मेक्सिको और सेंट्रल एशिया मे खाया जाता है | ड्रैगन फ्रूट का वैज्ञानिक नाम हिलोकेरेस अंडटस और हिन्दी नाम पिताया या स्ट्रॉबेरी पीयर है | आइए जानते है ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे मे पूरी जानकारी –

भारत मे ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे होती है ?

इस फल की खेती भारत मे कही पर भी की जा सकती है, बस बर्फ और जल भराव वाली जगहों को छोड़कर | ड्रैगन फ्रूट की खेती मे 7-8 PH मान वाली मिट्टी मे इसकी खेती आसानी से हो सकती है | इसके लिए सभी प्रकार की मिट्टी अनुकूल है, तापमान की बात करे तो अधिकतम 50* सेन्टीग्रेड और न्यूनतम 10*C तक सहन कर सकता है –

ड्रैगन फ्रूट के पौधे कहां मिलेंगे ?

किसान इसके पौधे दो प्रकार से ले या तैयार कर सकते है -1 बीज द्वारा पौध तैयार 2- नर्सरी गराफ्टिंग पौध (कलम विधि द्वारा )

  • पहली विधि बीज द्वारा जिसमे पौधे के उगने से लेकर फल आने तक 6-7 साल लग जाते है इसलिए किसान भाई बीज द्वारा पौध तैयार नही कर सकते |
  • दूसरी विधि ग्राफटिंग विधि जो नर्सरी द्वारा तैयार होता है, जिसमे 2 साल मे फल आना शुरू हो जाता है |

ड्रैगन फूड के पौधों को कैसे लगाए?

  • ड्रैगन फल के जो पौधे होते है वो बिना किसी सहारे के आगे नहीं बढ़ सकते है इसलिए खेतों मे किसानों को पोल लगाने पड़ते है |
  • पौधे से पौधे कीे बीच की दूरी 8-8 फिट का अंतराल |
  • ड्रैगन फ्रूट्स के पौधे कतार से कतार मे पौधों की दूरी 12-12 की होनी चाहिए |
  • पोल की लंबाई 6-7 फिट होनी चाहिए और भूमि मे 1.5 से 2 फिट दबाना होगा |
  • एक पोल के चारों और 4 पौधे लगाए ,इनको ऊपर की और दिशा मे बाँधे |
  • पोल पर आपको पौधे की बेल नुमा तनों को रखने के लिए लकड़ी के 2*2 का चोकोर भाग रखने की जरूरत होती है |

ड्रेगन फ्रूट के फायदे ?

इस प्रकार के फल का उपयोग शरीर मे कई अनेक प्रकार की बीमारियों और स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए खाया जाता है –

  • शरीर मे शुगर और डायबिटीज होने से बचाता है और साथ जिनको हो रखी है उनमे नियत्रण करने मे मदद करता है |
  • ड्रैगन फल पेट संबधित समस्याओ के लिए लाभदायक है |
  • कोलेस्ट्रॉल शरीर मे न तो ज्यादा होना चाहिए और न ही कम होना चाहिए इस समय ये फल शरीर मे कोलेस्ट्रॉल की मात्र को नियंत्रित करता है |
  • गर्भावस्था में महिलाओ के स्वास्थ्य मे पोषक तत्वों की पूर्ति मे सहायक |
  • हड्डियों और दांतो के रोग निवारण मे लाभदायक
  • ड्रैगन फ्रूट्स के फायदे इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी है
  • हर प्रकार की बीमारियों मे कही-ना-कही लाभदायक है इसलिए 40%दवाइयों मे इसका प्रयोग किया जाता है | 
  • बाजार मे dragon food ki kheti बढ़ती मांग के कारण किसानों को इसके अच्छे दाम मिल रहे है |

Dragon Fruit की खेती मे खाद /उर्वरक कौनसा डाले ?

बात करे ड्रैगन फ्रूट की खेती खाद उर्वरक की तो निम्न प्रकार से –

  • इस फल की खेती मे जैविक खादों का ही प्रयोग करे |
  • जैविक खाद डालने से Dragon Fruit मे उत्पादन और स्वाद अच्छा बेठता है |
  • ज्यादा स्वादिष्ट ड्रैगन फ्रूट का कीमत भी अच्छा मिल जाता है |

ड्रैगन फ्रूट की वेरायटिया / ड्रैगन फ्रूट की प्रमुख किस्मे ?

सामान्यतः ड्रैगन फल 3 प्रकार के होते है –

  1. सफेद पिताया(White Dragon Fruit)
  2. लाल पिताया (Red Dragon Fruit)
  3. पीला पिताया(Yellow Dragon Fruit)

सबसे अधिक मांग और कीमत पीले ड्रैगन फल की होती है जो काफी स्वादिष्ट और मिट्ठा होता है |

लाल ड्रैगन फ्रूट की भारत मे ज्यादा उत्पादन होता है, जो स्वाद मे मीठे होने के साथ भाव भी कम होता है इनका |

ड्रैगन फ्रूट की कीमत क्या है Dragon fruit price?

भारतीय बाजारों मे रेड ड्रैगन सर्वोधिक आता है जिसकी कीमत 150 रुपये से 300 रुपये तक होती है |

किस्मे / varietiesबाजार मे भाव (रुपये मे/किलो ) ,ड्रैगन फ्रूट्स Price
सफेद पिताया (White Dragon Fruit)100-200
लाल पिताया (Red Dragon Fruit)150-300
पीला पिताया (Yellow Dragon Fruit)400-800
ड्रैगन फ्रूट्स Price / ड्रैगन फ्रूट की कीमत

किसान भाइयों आपने इसमे ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे मे सिखा, आशा करते है की ड्रैगन फ्रूट की खेती की जानकारी पसंद आई होगी |

ड्रैगन फ्रूट को भारत मे कमलम / Kamlam के नाम से जानेगे, क्योंकि हाल ही 2022 मे गुजरात मे इस खेती के बड़ावा देने के लिए ये नाम रखा है | अब आने वाले समय मे गुजराज मे देश की सर्वाधिक ड्रैगन फ्रूट की फसल ली जाएगी |

ड्रैगन फ्रूट की कीमत क्या है?

भारतीय बाजारों मे ड्रैगन कई वैराईटीयों में आता है जिसकी कीमत 150 रुपये से 1500 रुपये /किलो तक होती है |

ड्रैगन फ्रूट के पौधे कहां मिलेंगे ?

किसान इसके पौधे दो प्रकार से ले या तैयार कर सकते है -1 बीज द्वारा पौध तैयार 2-नर्सरी गराफ्टिंग पौध (कलम विधि द्वारा ) |

ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे की जाती है?

ड्रैगन फल के जो पौधे होते है वो बिना किसी सहारे के आगे नहीं बढ़ सकते है इसलिए खेतों मे किसानों को पोल लगाने पड़ते है |
पौधे से पौधे कीे बीच की दूरी 8-8 फिट का अंतराल |
ड्रैगन फ्रूट्स के पौधे कतार से कतार मे पौधों की दूरी 12-12 की होनी चाहिए |
पोल की लंबाई 6-7 फिट होनी चाहिए और भूमि मे 1.5 से 2 फिट दबाना होगा |
एक पोल के चारों और 4 पौधे लगाए ,इनको ऊपर की और दिशा मे बाँधे

ड्रैगन फ्रूट को हिंदी में क्या बोलते हैं?

ड्रैगन फ्रूट का वैज्ञानिक नाम हिलोकेरेस अंडटस और हिन्दी नाम पिताया/कमलम या स्ट्रॉबेरी पीयर भी बोलते |

ड्रैगन फ्रूट के क्या फायदे हैं?

इस प्रकार के फल का उपयोग शरीर मे कई अनेक प्रकार की बीमारियों और स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए खाया जाता है- हड्डियों और दांतो के रोग निवारण मे लाभदायक
ड्रैगन फ्रूट्स के फायदे इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी है
हर प्रकार की बीमारियों मे कही-ना-कही लाभदायक है इसलिए 40%दवाइयों मे इसका प्रयोग किया जाता है | 
बाजार मे ड्रैगन फ्रूट की खेती बढ़ती मांग के कारण किसानों को इसके अच्छे दाम मिल रहे है

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