[ करेला की खेती 2024 ] जानिए करेले की खेती से लाभ, कमाई, वैरायटी, विधि | Bitter Gourd Farming in Hindi

Last Updated on January 21, 2024 by krishisahara

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आज के समय में करेला की खेती मुनाफेदार होती जा रही है, जिसकी बाजार में अच्छे भावो के साथ हमेशा मांग रहती है| करेला में शरीर की कई बीमारियों के इलाज के साथ औषधीय गुण भी पाए जाते है| देश का किसान आज के समय खेती को नए तौर-तरीकों से कर रहा है| किसान करेले की वैज्ञानिक खेती कर करेले की खेती से अच्छा लाभ कमा रहे है |

करेला-की-खेती

करेला की उन्नत खेती कैसे करें पूरी जानकारी –

देश के किसान ज्यादातर करेले की अगेती खेती और पछेती खेती कर अच्छा लाभ कमाते है | करेले की फसल एक ऐसी फसल है जो लगाने के 70-85 दिन बाद अच्छी मात्रा में फल देना शुरू कर देता है और कम से कम अगले 3-4 महीने तक उत्पादन देता रहता है |

करेले की वैरायटी / उन्नत किस्मे ?

देश में प्रचलित प्रमुख करेला की उन्नत किस्मे जो निम्न है –

  • अमन श्री
  • पूसा दोमौसमी
  • करेला-VNR
  • कावेरी
  • कल्यानपुर सोना
  • कल्यानपुर वारामासी
  • पूसा विशेष
  • कोयम्बटूर लांग
  • अर्काहरित
  • पंत करेला संकर

करेले की नर्सरी कैसे तैयार करें?

कई किसान करेले की, खेत में सीधी बुआई कर देते है लेकिन नर्सरी विधि ज्यादा मुनाफा और रोगमुक्त मानी जाती है| यदि किसान खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहता है तो किसान को पहले करेले की पौध तैयार करनी होगी |

करेले की पौध तैयारी के लिए प्लांट ट्रे और कॉकपिट/नारियल का बुरादा का प्रयोग करें जो कृषि दुकानों पर आसानी से मिल जाता है | यह प्रक्रिया अपने घर में, पॉलिहाउस, नर्सरी में उपयुक्त वातावरण/तापमान देकर तैयार कर सकता है |

यदि किसान करेले की खेत में सीधी बुआई करता है तो बीजों को 10 से 12 घण्टे भिगोकर रखे| बुआई के 1 घण्टे पहले मेनकोजेब दवा से उपचारित करके बुआई कर दे| बीज की 2 से 2.5 सेमी गहराई में बुआई करें |

आवश्यक जलवायु और मिट्टी ?

इस फसल को 15-35 डिग्री के बीच का तापमान अनुकूल माना जाता है| जलवायु गर्म और आर्द्र अनुकूल मानी जाती है |

मिट्टी की बात करें तो अधिकतर काली दोमट मिट्टी, नमी मनाए रखने योग्य मृदा वाली भूमि में उपयुक्त मानी जाती है| काली मिट्टी, दोमट-मिट्टी, जलोढ़ मिट्टी इनमें पानी और खाद की बहुत ही कम आवश्यकता होती है| जबकि रेतीली-बलुई और लाल मिट्टी में पानी और खाद की आवश्यकता होती है किसान की लागत बढ़ जाती है |

करेला की खेती का समय/करेला कब लगाया जाता है ?

ज्यादातर किसानो के मन में रहती है की करेले की खेती किस महीने में करें या करेला किस महीने में बोया जाता है –

मुख्य तौर पर करेला की खेती के लिए बुवाई साल में तीन बार कर सकते है जो शीत ऋतु, गर्मी और वर्षा ऋतु में होती है वैसे किसान ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस में करेले की खेती करता है तो साल में कभी भी करेला खेती का तापमान बनाकर खेती कर सकता है |

  • बरसात में करेले की खेती के लिए बुआई – जुलाई-अगस्त-सितंबर 
  • गर्मी में करेले की खेती की बुआई – नवंबर-दिसंबर-जनवरी

करेला लगाने की विधि ?

वैज्ञानिक विधि से किसान खेती करें तो कतार से कतार की दूरी 7 से 8 फीट की दूरी रखनी होती है तथा पौधे से पौधे की बात करें तो दो से ढाई फीट तक अंतराल होता है |

करेला-की-खेती

इस चुनाव के अनुसार प्रति एकड़ भूमि में करेले की पौध 2300 से लेकर 2500 पौधे आ जाते है यदि छिड़काव विधि से खेती करें तो प्रति एकड़ 800 ग्राम बीज से 1 किलो तक बीज लग जाता है | करेला का पौधा 40-45 दिन का हो जाए तो बांस मंडप विधि से बेल को ऊपर की और घुमा सकते है |

खेत की तैयारी कैसे करें ?

खेत की तैयारी में किसान अन्य फसलों की तरह ही खेत तैयार होता है, ध्यान रखे यह हरी सब्जी फसल है इसलिए ज्यादा जैविक खाद का प्रयोग करें| यदि खेत कम उपजाऊ है तो कृषि सलाह लेकर रासायनिक खाद का भी प्रयोग कर सकते है |

करेला की खेती मे सिंचाई कैसे करें ?

Krela ki kheti me sinchai का ज्यादा महत्व नहीं होता है बस थोड़ा बहुत ध्यान रखना है | सर्दी और बरसात के मौसम में करेले की फसल को ज्यादा सिंचाई नहीं करनी चाहिए केवल सप्ताह में 2 से 3 बार, गर्मी में सिंचाई की बात करें तो ड्रिप विधि से हर दिन 1 घंटे पानी देना होता है |

करेले की खेती से कमाई ?

किसी भी प्रकार की खेती हो कमाई फसल की गुणवता, बाजार, मौषम, कुल उत्पादन, फसल पर निर्भर करती है| करेले को कोमल स्थति में ही तोड़ लेना चाहिए, जिससे बाजार में 1.5 गुणा ज्यादा तक का भाव मिल जाता है |

औसत कमाई की बात करें तो 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन हो जाता है और बाजार मे 20 रुपये प्रति किलोग्राम से देखे तो 8000*20 = 1,60,000/रुपये यदि बात करें करेले की खेती मे प्रति एकड़ लागत तो 25,000 से 30,000 रुपये आती है |

करेले का बाजार और मंडी भाव ?

बाजार और मंडी भाव की बात करें तो इनका सदा ही भाव अच्छा रहता है| औसतन मान से करेले के बाजार भाव 30 से 60 रुपये पर किलोग्राम रहता है| वही मंडी भाव की बात करें तो 15 रुपये से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में रहते है |

करेले के बाजार और मंडी भाव मौसम और क्षेत्र बुआई पर निर्भर भी करता है |

करेले की खेती कब की जाती है?

मुख्य तौर पर करेले की खेती की बुवाई साल में तीन बार कर सकते हैं जो शीत ऋतु, गर्मी और वर्षा ऋतु में होती है वैसे किसान ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस में करेले की खेती करता है तो साल में कभी भी करेला खेती का तापमान बनाकर खेती कर सकता है |

करेले की खेती कौन से महीने में की जाती है?

गर्मी में करेले की खेती की बुआई – नवंबर-दिसंबर-जनवरी और बरसात के लिए बुआई – जुलाई-अगस्त-सितंबर उत्तम माना जाता है |

करेले का रेट क्या है?

करेले के बाजार भाव 30 से 60 रुपये पर किलोग्राम रहता है, वही मंडी भाव की बात करें तो 15 रुपये से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में रहते है |

करेले के बीज कैसे उगाए जाते हैं?

कई किसान करेले की, खेत में सीधी बुआई कर देते है लेकिन नर्सरी विधि ज्यादा मुनाफा और रोगमुक्त मानी जाती है | यदि किसान खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहता है तो किसान को पहले करेले की पौध तैयार करनी होगी | अधिक जानकारी के लिए- PDF

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