[ मक्के की खेती 2022 ] मक्का की खेती कैसे करें – बीज वैरायटी, नई किस्म | makka ki kheti

Last Updated on May 5, 2022 by [email protected]

मक्का की खेती | मक्का की नई किस्म 2022 | मक्का में खाद की मात्रा | maize in hindi –

मक्का की खेती खरीफ की फसलों मे एक अच्छे मुनाफ़ों वाली फसलों मे माना जाता है | देश में अनुकूल जलवायु वाले क्षेत्रों में मक्के की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, भूमि लीज पर लेकर प्रगतिशील किसान और व्यापारी अच्छा लाभ कमा रहे हैं | मुख्य रूप से मक्का को खरीफ की फसल माना जाता है, लेकिन बहुत क्षेत्रों में इसको रबी के सीजन मे भी उगाया जाता है |

मक्का-की-खेती
makke ki kheti

मक्के मे कार्बोहाइड्रेट 70, प्रोटीन 10 और तेल 4 प्रतिशत पाया जाता है | मक्का की फसल 90 से 100 दिन में तैयार हो जाती है | बाजार में सर्दी और बारिश के मौषम मे तेजी से मांग रहती है |

मक्का की खेती कैसे करें ?

मक्के की खेती से अच्छी कमाई और अच्छा उत्पादन लेने के लिए किसान भाई को बीज का चयन से लेकर खेत की तैयारी, खाद बीज उर्वरक की जरूरत, सिंचाई,  रोग-कीट प्रबंधन आदि के प्रति सचेत और पूर्ण जानकारी रखकर खेती करें तो बिल्कुल लाभ होगा |

आइए जानते है मक्का की खेती कैसे करें, मक्का की खेती, मक्का की वैरायटी, मक्का की खेती का समय, मक्का का भाव, हाइब्रिड मक्का बीज आदि के बारे मे –

मक्का की वैरायटी / मक्का की उन्नत किस्में ?

खेती से लाभ की दृष्टि से देखें तो मक्के का बीच का चयन करना बहुत ही आवश्यक है | भारतीय बाजारों में मक्के की बहुत सारी हाइब्रिड मक्का बीज प्रजातियां मिल जाती है, जो अच्छा मुनाफा, आय को बढ़ा सकती है | सामान्य प्रचलित देसी मक्का बीज और हाइब्रिड मक्का बीज के प्रजातियों बारे में –

शीघ्र पकने वाली किस्में (85 दिन से कम)मध्यम अवधि में पकने वाली किस्में (95 दिन से कम)देर की अवधि में पकने वाली (95 दिन से अधिक)
जवाहर मक्का-12
अमर
आजाद
कमल
विकास मक्का-421
हिम-129
हैब्रिड मक्का-2 आदि मुख्य हाइब्रिड मक्का बीज है, सबसे जल्दी तैयार होने वाली फसल कौन सी है |
जवाहर मक्का-216
एचएम-10
JK-502
प्रपात-5
पी-3441
एनके-21
JK- 8008
पायनियर मक्का बीज
केएमएच-3426 आदि मुख्य हाइब्रिड मक्का बीज है |
गंगा-11
एचएम-11
सरताज
प्रो-311
बायो-9681 आदि मुख्य हाइब्रिड मक्का बीज है |
मक्का की वैरायटी | मक्का की नई किस्म
मक्का-की-खेती

विशिष्ट मक्का की किस्में-

मक्के की ये किस्मे बाजार की मांग और आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग जरूरत के हिसाब से उगाई जाती है जो निम्न है –

विशिष्ट मक्का की किस्मेंकिस्मो के नाम
स्वीट कॉर्नमाधुरी
प्रिया
विन ऑरेंज
एस सी एच-1 आदि |
उच्च प्रोटीन मक्काएच क्यू पी एम-1,5 व 7
शक्तिमान 1,2,3 व 4
विवेक क्यू पी एच-9 आदि |
पॉपकॉर्नअम्बर पॉप
वी एल अम्बर पॉप
प्रल पॉप आदि |
पशु चारा किस्मेंजे-1006
प्रपात
अफ्रीकन टाल इत्यादि |
बेबीकॉर्नवी एल-78
पी एच एम-2पी
ई एच एम-5
एल बेबी कार्न-1 आदि |
मक्का की वैरायटी| हाइब्रिड मक्का | हाइब्रिड मक्का बीज

मक्का की खेती का समय ?

मक्का कौन से महीने में बोई जाती है- किसान भाइयों मुख्य तौर से खरीफ के सीजन और रबी के सीजन में 2 सीजन में आप इसको आसानी से लगा सकते हैं |

मक्का कौन सी फसल है- कृषि विभाग की और से यह खरीफ के मौसम की फसल है, लेकिन सिंचाई साधनों की उपलब्धता के अनुसार यह रबी के मौसम में भी की जाती है |

बुवाई का समय ?

1. मुख्य फसल(खरीफ) के लिए बुवाई मई-जून मे होती है |

2. सर्दी मे मक्का की बुआई अक्टूबर अंत से नवम्बर तक कर सकते है |

3. बसन्त ऋतु में मक्का की बुआई हेतु सही समय जनवरी के तीसरे सप्ताह में मध्य फरवरी तक है |

आवश्यक जलवायु और भूमि ?

मक्का की खेती विभिन्न प्रकार की जलवायु में की जा सकती है, परंतु उष्ण क्षेत्रों में मक्का की वृद्धि, विकास एवं उपज अधिक पाई जाती है | यह गर्म ऋतु की फसल है, जिसके जमाव के लिए रात और दिन का तापमान ज्यादा होना चाहिए |

मक्के की फसल के लिए कितने तापमान की आवश्यकता होती है- बुआई के समय 18 से 23 डिग्री सेल्सियस तापमान एवं वृद्धि व विकास अवस्था में 28 डिग्री सेल्सियस तापमान उत्तम माना गया है | मक्का की खेती के लिए 5.5 से लेकर 7 PH मान वाली भूमि इसके लिए उपयुक्त मानी जाती है |

मक्का की खेती सभी प्रकार की भूमि /मृदा में की जा सकती है | परंतु मक्का की अच्छी बढ़वार और उत्पादकता के लिए दोमट एवं मध्यम से भारी मिट्टी, जिसमें पर्याप्त मात्रा में जीवांश और उचित जल निकास का प्रबन्ध हो, उपयुक्त रहती है |

मक्का-की-खेती

मक्के के खेत की तैयारी ?

  • पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से अवश्य करे |
  • उसके बाद 2 से 3 जुताई हेरो या देसी हल से करे, मिट्टी के ढेले तोड़ने एवं खेत सीधा करने हेतु हर जुताई के बाद पाटा या सुहागा लगाए |
  • मक्के की फसल की शुरुआत के दिनों से भूमि में पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है |
  • यदि मिट्टी में नमी कम हो तो पलेवा के जुताई करनी चाहिए |
  • सिंचित अवस्था में 60 सेंटीमीटर की दूरी पर मेडे बनानी चाहिए जिससे जल निकासी में आसानी रहती है और फसल भी अच्छी बढ़ती है | 
makka ki kheti

मक्का की बीज दर ?

मक्का का बीज कैसे तैयार करें- मक्का के बीज शीघ्रता से अपनी अंकुरण होने क्षमता खो देते है, इसलिए बुआई से पूर्व बीज का अंकुरण प्रतिशत जांच करे | बुआई हेतु 4 से 8 किलोग्राम प्रति एकड़ बीज की आवश्यकता होती है- वैराइटियों के अनुसार |

मक्का में कौन सा खाद डालना चाहिए ?

इस खेती मे जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करना उत्तम रहता है लेकिन भूमि कम उपजाऊ है तो रासायनिक खाद का प्रयोग कर सकते है | जल्दी पकने वाली प्रजातियों को प्रति हेक्टेयर 60-80 kg नत्रजन, 60 kg फास्फोरस तथा 40 kg पोटाश की आवश्यकता होती है | मध्यम व देर पर पकने वाली वैराइटियों मे 100-120 kg नत्रजन की आवश्यकता होती है |

मक्के की खेती में सिंचाई कैसे करें और कब करें

इस फसल मे नमी का बना रहना बहुत महत्वपूर्ण है, जिसके लिए समय-समय पर सिचाई या बारिश के अनुसार नमी बनाए रखे |

मक्के के फ़सल को अपने पूरे फ़सल अवधि में 40 सेन्टीमीटर से 60 सेन्टीमीटर पानी की आवश्यकता होती है | पानी देने का सबसे जरूरी समय पुष्पों के आने और दानों के भरने का समय होता है |

मक्का की खेती करते समय प्रमुख सावधानियां ?

  • किसान भाई अगर इस खेती को पर्यटक स्थलों या कच्चे भुट्टे के लिए करते हैं तो सिंचाई का विशेष ध्यान रखें सिंचाई समय पर होना आवश्यक है |
  • मक्के के खेत में अनावश्यक खरपतवार को ना होने दें |
  • मक्के की बुवाई करते समय बीजों को पहले उपचारित कर लेना चाहिए |
  • खेती में भूमि इस प्रकार से चयन करें कि जससे ज्यादा पानी का भराव ना हो, बारिश के समय खेत में पानी का ज्यादा ठहराना होना चाहिए |
  • खेती करने से पहले मिट्टी की जांच करवा लेनी चाहिए क्योंकि मक्के की खेती में जिंक और सल्फर की ज्यादा जरूरत होती है |
  • किसान मक्के का भुट्टा बाजार में कच्छा बेचना चाहता है, तो इसकी तुड़ाई 70 से 75 दिन के बाद शुरु कर देनी चाहिए |
  • ज्यादा देर तक मक्का पकने पर इसके स्वाद में परिवर्तन आ जाता है और मिठास में कमी आ जाती है |
  • इस खेती से अच्छा मुनाफा और लाभ कमाने के लिए पहले किसान को खेत की तैयारी और उन्नत किस्मों का चयन करना चाहिए |
मक्का-की-खेती

मक्का की खेती से कमाई ?

कमाई की बात करें तो यह निर्भर करती है कि मक्का आपने किस समय में या किस जगह/क्षेत्र, किस उद्देश्य से लगाया है | अच्छे लाभ के लिए यह अधिकतर पर्यटक स्थलों और शहरों के आसपास में लगाई जाती है, क्योंकि पर्यटक और शहरों खाने के लिए प्रयोग करते हैं जिससे किसान को इसके दो से तीन गुणा भाव मिल जाते हैं और तेजी से इसकी मांग भी रहती है |

माना की किसान ने 1 एकड़ में 4 किलो बीज लगाया है और यदि फसल बहुत ही बेहतरीन और किसान ने अच्छे देखरेख और ध्यान दिया है तो 8 से 10 टन स्वीट कॉर्न आसानी से उत्पादन मिल जाता है |

यदि बाजार में 8 से ₹10 का भाव चलता है तो 10 टन का मालएक लाख के आसपास हो जाता है यानी 80 से 90 दिन में 1 लाख की कमाई कर सकते हैं | इसमें खर्चे की बात करें तो 25-30 हजार तक का खर्चा आता है |

मक्का कौन से महीने में बोई जाती है?

1. मुख्य फसल(खरीफ) के लिए बुवाई मई-जून मे होती है |
2. सर्दी मे मक्का की बुआई अक्टूबर अंत से नवम्बर तक कर सकते है |
3. बसन्त ऋतु में मक्का की बुआई हेतु सही समय जनवरी के तीसरे सप्ताह में मध्य फरवरी तक है |

मक्का की फसल कितने दिन में तैयार हो जाती है?

मक्का की फसल 90 से 100 दिन में तैयार हो जाती है | बाजार में सर्दी और बारिश के मौषम मे तेजी से मांग रहती है |

मक्का में कौन सा खाद डालें?

इस खेती मे जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करना उत्तम रहता है लेकिन भूमि कम उपजाऊ है तो रासायनिक खाद का प्रयोग कर सकते है |

हाइब्रिड मक्का की खेती कैसे करें?

भारतीय बाजारों में मक्के की बहुत सारी हाइब्रिड मक्का बीज प्रजातियां मिल जाती है, जो अच्छा मुनाफा, आय को बढ़ा सकती है | सामान्य प्रचलित देसी मक्का बीज और हाइब्रिड मक्का बीज के प्रजातियों बारे में –

Leave a Comment

error: Alert: Content is protected !!