[ मधुमक्खी पालन कैसे करें 2024 ] जानिए सरकारी सब्सिडी, प्रशिक्षण केंद्र, कमाई, लागत, कांटेक्ट नंबर, pdf | Madhumakhi Palan Business

Last Updated on January 27, 2024 by krishisahara

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किसान, समय के साथ बढ़ते हुए कृषि क्षेत्र में अब नए-नए आमदनी के स्त्रोत बना रहे है | वर्तमान में सरकारी सहायता और प्रचार प्रसार, योजनाओ के माध्यम से किसानों का मधुमक्खी पालन की और रुझान बढ़ रहा है | आज के समय किसान सूचना केंद्र, लाखों किसानों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देकर लोन मुहैया करा रही है साथ ही सब्सिडी भी दे रही है –

मधुमक्खी पालन कैसे करें
मधुमक्खी पालन कैसे करें

मधुमक्खी पालन की आधुनिक विधि से मधुमक्खी पालन करना चाहते है, तो किसान नजदीकी  कृषि कार्यालय में जाकर संपर्क कर इसमें प्रशिक्षण प्राप्त कर, खेती के साथ-साथ इस प्रकार के व्यवसाय को भी चालू कर सकते है |

हाल ही में सरकार ने मधुमक्खी पालन और हर्बल खेती (औषधीय पौधे) मे 45,00 करोड़ रुपये इस सेक्टर में निवेश करेंगी साथ ही सरकारी स्तर पर गंगा नदी के किनारों पर फलदार और औषधीय पेड़-पौधे लगाए जाएंगे नदी किनारे मधुमक्खी पालन किया जाएगा |

यदि किसान के पास पर्याप्त खुली और खेती है तो इस व्यवसाय को शुरू कर देना चाहिए मधुमक्खी बॉक्स को किसान खेत में, खेत की मेड, तालाब के किनारे, फूल वाली फसल के पास जैसे स्थानों पर रख सकते है |

मधुमक्खी पालन क्या है/मधुमक्खी पालन कैसे करें ?

मधुमक्खी पालन आजकल किसानो की आवश्यकता और आय का एक और साधन बन गया है किसान मधुमक्खी को शहद/मधू और फसलों के परागकरण के लिए इनका पालन करते है| भारत में अधिकतर मधुमक्खी पालन में प्रयोग में लाई जाने वाली मधुमक्खी इटालियन मेलीफेरा (ऐपी-मेलीफेरा) है जो शांत सभाव की होती है, जिससे पालने में आसानी होती है| मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केंद्र से किसान इसका पूरा ज्ञान लेकर इसे लघु या बड़े स्तर पर शुरू कर सकते है |

मधुमक्खी पालन को विज्ञान की भाषा में एपीकल्चर भी कहा जाता है |

औसतन बात करें तो एक मधुमक्खी बॉक्स में 1000 से 5000 मधुमक्खियां होती है और एक बॉक्स के लिए शहद इकट्ठे करने की क्षमता यानी इनका समुचित क्षेत्र की बात करें तो दो से तीन बीघा यानि लगभग एक एकड़ भूमि के लिए एक की बॉक्स/कालोनी के लिए उचित रहता है |

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मधुमक्खी पालन कैसे करें

मधुमक्खी पालन की आधुनिक विधि ?

यदि किसान मधुमक्खी पालन की आधुनिक विधि से व्यवसाय शुरू करें तो इसके लिए किसान को लकड़ी के बने बॉक्स, मुह रक्षक टोपी (जाली ), रानी मक्खी, हाथों के दस्ताने, आवश्यकतानुसार खुली भूमि, शहद एकत्रित मशीन, आदि उपकरण/साधन की जरूरत पड़ती है | मधुमक्खी पालन की लागत की बात करें तो मधुमक्खी इटालियन मेलीफेरा को अंधेरे बक्सों में रखा जाता है और यह बक्से प्रशिक्षण देने वाली कंपनियां या उधान विभाग/कृषि विभाग से ले सकते है |

मधुमक्खी पालन बॉक्स की कीमत ?

एक मधुमक्खी पालन बॉक्स की कीमत (madhumakkhee paalan boks prais) लगभग 4 से ₹5000 होती है, जो एक पूरा बॉक्स सेट होता है जिसमें स्टैंड, अंदर की जालियां आदि के साथ पूरा सेट होता है| शहद तैयार होने के बाद किसान शहद निष्कासन (शायद इकट्ठा करने की प्रक्रिया) वाली मशीन में इन छत्तों से शहद निकाल सकते है जो आसान सी प्रक्रिया है |

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मधुमक्खी पालन कांटेक्ट नंबर ?

देश में कोई भी किसान अपने निजी क्षेत्र, प्रशिक्षण या सरकारी सहायता से मधुमखी पालन कारना चाहता है, तो भारत सरकार की “Indian Council of Agricultural Research” यानि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद विभाग से सम्पर्क कर सकता है| किसान टोल फ्री नम्बर – 18001801551 या 18001806127 कांटेक्ट नंबर से अपने सवालों की विस्तृत चर्चा कर सकता है |

मधुमक्खी जीव के प्रकार/मधुमक्खी कितने प्रकार की होती है ?

 शहद इकट्ठा करने के लिए मधुमक्खी परिवार में तीन प्रकार की मधुमक्खियां पाई जाती है –

  • रानी मधुमक्खी
  • नर मधुमक्खी
  • वर्कर मधुमक्खी श्रमिक

मक्खी पालन में उपयोग में आने वाली मधुमक्खियां तीन प्रकार की होती है जो अंधेरे में रहना पसंद करती है| उसके लिए लकड़ी के विशेष प्रकार के बॉक्स बनाए जाते है, जिनमें दोनों और छोटे छिद्र रखे जाते है इनसे मधुमक्खियां का आवागमन बना रहता है और बाकी चारों तरफ से ढका रखा हुआ रहता है ताकि बॉक्स में अंधेरा बना रहे |

मधुमक्खी पालन पर सरकारी प्रयास और सहायता ?

सरकार प्रति मधुमक्खी पालन बॉक्स पर लगभग 40% सब्सिडी भी देती है| सरकार इस प्रकार की योजना पर विशेष प्रकार से कार्य कर रही है क्योंकि यह फसलों के फ्लोरिंग प्रकरण का कार्य करती है जिससे फसलों का उत्पादन बढ़े सरकार का प्रयास यही है, कि हर खेत में एक बॉक्स स्थापित हो | क्योंकि पहले पर्यावरण और किसान बहुत ही प्रकृति के अनुकूल खेती बाड़ी करता था, लेकिन वर्तमान में खाद बीज रूप में तथा आधुनिक के क्षेत्र में आज आने पर फसलों के उत्पादन में काफी भारी नुकसान पहुंचा है |

इसलिए सरकार जैविक और किसान की लागत को कम करने के लिए परंपरागत तरीकों को अपना रही है जिसमें केंचुआ खाद, जैविक खाद, मधुमक्खी पालन आदि प्रकार के प्रयास आते है| किसानों की लगन और सरकारी प्रयासों से आज भारत, विश्व में शहद के उत्पादन में 5वां स्थान पर है | 

मधुमक्खी-पालन
मधुमक्खी पालन कैसे करें

मधुमक्खी पालन में प्रमुख सावधानियां/मधुमक्खी पालन कैसे करें ?

  • किसान को इस प्रकार का कृषि व्यवसाय शुरू करने के लिए सर्वप्रथम मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण जरूर लेना चाहिए |
  • मधुमक्खी पालन के लिए निर्धारित योजना होनी चाहिए इनको किसान पूरे साल मधुमक्खियों को भोजन, वातावरण, फूल-फसल की समुचित व्यवस्था हो |
  • मधुमक्खी पालन व्यवसाय से उत्पादित सभी उत्पादों का समुचित बाजार का भी ज्ञान होना चाहिए तथा बेचने का एक सीधा संपर्क भी होना चाहिए |
  • किसान को इस व्यवसाय के बारे में कम से कम 8 से 6 महीने का अनुभव होना बहुत जरूरी है |
  • शहद का अनुमान मधुमक्खी पालन क्षेत्र के आसपास लगी फसल पर निर्भर करता है, इसलिए उचित जगह पर ही बॉक्स स्थापित करें |
  • किसान को लकड़ी के बॉक्स को फूलों और पुष्पन होने वाली जगह पर ही रखे |
  • मधुमक्खी पालन में काम में आने वाली मक्खी शांत सभाव की होती है, इसलिए इनको रखने के लिए बिना शोर-शराबा वाली जगह चुने |
  • इन मक्खी परिवार में लगने वाली बीमारियों का विशेष ध्यान रखे |
  • किसान मधुमक्खी पालन को अपनी फसलों की अच्छी पैदावार के लिए भी या इसे व्यवसाय के रूप में भी शुरू कर सकते है |
  • यदि किसान मधुमक्खी पालन को व्यवसाय के रूप में शुरू करना चाहता है, तो किसान को इसके सभी कच्चे उत्पाद को बेचना होगा, जिससे किसान को दुगना लाभ होता है |
  • इस कृषि व्यवसाय से पूरे साल आमदनी कमाने के लिए बॉक्सो को पूरे साल समय-समय फूलों वाली जगह रखना होता है |

पर्यावरण में मधुमक्खी का महत्व ?

  • मधुमक्खी फूलों में से शहद निकालने पर फसल में किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है, जबकि फसल को कई गुना लाभ होता है |
  • मधुमक्खी फूलों पर बैठकर परागकरण करने का काम करती है, जैसे फसल का उत्पादन अधिक होता है |
  • मधुमक्खी पालन से किसान शहद, जेली, मोम, पराग, मौनी-विष जैसे उत्पाद प्राप्त कर सकते है |
  • शुरू से ही मधुमक्खी किसानों के लिए एक बहुत ही अच्छा वरदान साबित है यानि मधुमक्खी पालन जैविक खेती का भरपूर रूप है |

मधुमक्खी पालन से कमाई ?

प्रगतिशील किसान कमाई मधुमखी पालन के तरीके देखरेख, फसल का प्रकार, बोक्स की संख्या, मधुमखीयों की संख्या आदि पर निर्भर करता है| वैसे देश में कई किसानों के उदाहण है, जो केवल मधुमक्खी पालन करके ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीको से शहद और उत्पाद बेचकर लाखों रूपये की आमदनी कमा रहे है |

मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केंद्र ?

किसान एपिक्ल्चर से सम्बधित किसी भी प्रकार की स्कीम/सब्सिडी/प्रशिक्ष्ण के लिए अपने नजदीकी कृषि कार्यलय या कृषि विज्ञानं केंद्र/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मध्यम से ऑनलाइन मधुमक्खी पालन रजिस्ट्रेशन कराके मधुमखी पालन ट्रेनिग और इस व्यवसाय से जुड़ सकता है |

मधुमक्खी पालन में कितना खर्च आता है?

किसान अपनी शुरूआती समय में 2-4 बॉक्स से भी शुरू कर सकते है जिसमे 10,000 रूपये के आस-पास लागत आती है, लेकिन मध्यम स्तर का मधुमक्क्खी पालन 1 लाख से शुरू कर सकते है| देश के कई बड़े किसान मधुमक्खी पालन में लाखों रूपये का निवेश करके लाखो की आमदनी कमा रहे है |

मधुमक्खी पालन pdf download ?

किसानों के लिए वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन की PDF के लिए क्लिक करें – मधुमक्खी पालन 2024

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