ज्वार की खेती 2021 बाजार भाव- पूरी जानकारी ज्वार की खेती कब करनी चाहिए

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मोटे अनाजों में गिनी जाने वाली Jwar प्रमुख फसल है जो देश में किसान खाद्यान्न और पशुधन के लिए मीठे-हरे चारे के रूप में खेती करते हैं | Jwar ki Kheti इस प्रकार की खेती है की किसान को इस खेती का ज्यादा ज्ञान और खाद बीज की आवश्यकता नहीं होती है | कम लागत के साथ अच्छी पैदावार देने वाली फसलों में मानी जाती है ज्वार की फसल |

ज्वार-की-खेती
ज्वार की खेती कैसे करें

किसान भाइयों और बहनों हमारे देश की बहुत सी प्रमुख फसलें हैं, जिनकी खेती हमारे किसान भाई हर वर्ष करते हैं | इसमें आप जानेंगे कि ज्वार की खेती के संबंध में | अगर यह आप खेती करना चाहते हैं तो ज्वार की उन्नत खेती कैसे होती है, बीज दर क्या है, जलवायु-मिट्टी, उन्नत किस्में, बाजार-भाव आदि के बारे में पूरी जानकारी- 

ज्वार की खेती कब और कैसे करें ?

खेती मे अच्छा उत्पादन लेने के लिए अच्छे ज्ञान की भी आवश्यकता पड़ती है, इसलिए ज्वार की वैरायटी से लेकर खेत की तैयारी, बुआई, रोग नियंत्रण, बाजार भाव आदि पर सक्रिय रहना है | आइए जानते है एक-एक करके-

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Jwar ki Kheti का उत्तम समय ?

बरसात /खरीफ के मौसम में ज्वार की खेती की जाती है | शुरू की एक बारिश होने के पश्चात जून के मध्य से जुलाई के प्रथम सप्ताह में ज्वार फसल की बुवाई करने का उत्तम समय माना जाता है |

देश के अधिकतर Jwar ki Kheti बरसात की पहले आगमन पर ही बुआई कर दी जाती है |

ज्वार की खेती ज्वार की खेती कैसे करें

ज्वार के लिए जलवायु एव मिट्टी –

देश के ज्यादातर शुष्क क्षेत्रों में Jwar ki Kheti की जाती है I इसके साथ ही जहाँ पर औसतन कम वर्षा होती है वहां पर ज्वार की खेती कर अच्छा उत्पादन ले सकते है I

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मिट्टी की बात करे हो हल्की लाल,बलुई, रेतीली, भूरी भुरभुरी दोमट, हल्की काली जैसी मृदा मे अच्छे से की जा सकती है | ज्वार की फसल जल भराव वाली भूमि मे कम सफल है |

ज्वार की उन्नत किस्में/ ज्वार की प्रजाति –

ज्वार की अच्छी वैराइटियों की बात करें तो किसान अपने क्षेत्र में प्रचलित किस्म का ही चुनाव करें | अधिक उत्पादन और तकनीकी के साथ खेती करना है, तो किसान अपनी कृषि कार्यालय से संपर्क कर अच्छी उन्नत किस्मों का चयन कर सकता है |

देश में प्रचलित ज्वार की प्रजातियां

संकुल/देशी प्रजातियाँ-बीजसंकर प्रजातियाँ-बीज
वर्षा, बी. एस. बी. 13, बी. एस. बी. 15 ,
एस. पी. बी. 1388
बुन्देला , विजेता  आदि |
सी. एस. एच. 9, सी. एस. एच. 13 ,
सी. एस. एच. 14 , सी. एस. एच. 16 , सी. एस. एच. 18
,सी. एस. एच. 23 |
ज्वार की खेती

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ज्वार की बुआई मे बीज दर-

बुआई के समय बीच की लागत की बात करें तो देसी ज्वार बीज 7-9 किलोग्राम प्रति एकड़ और संकर वैराइटी मे 5 से 7 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से किसान बीज का प्रयोग कर सकता है | वैसे ज्वार बीज की वैरायटी के अनुसार प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करना चाहिए इसलिए बीज-किस्म के दिशा-निर्देश के अनुसार ही बीज दर का चयन करें |

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ज्वार की खेती कब करनी चाहिए

ज्वार की फसल में सिंचाई ?

ज्वार का सिंचाई का सही समय क्या है, कब और किस प्रकार करनी चाहिए इसके लिए वर्षा ऋतू की फसल होने के कारण वर्षा का ही पानी पर्याप्त होता है |  लेकिन वर्षा न होने पर फसल में बाली या भुट्टा निकलते समय और दाना भरते समय यदि खेत में नमी कम हो तो सिंचाई करना अति आवश्यक है |

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ज्वार की चारे के उधेशय मे खेती करते है तो इसके लिए हर सप्ताह सिंचाई करनी चाहिए या फसल मे मौषम / सिंचाई की मांग के अनुसार पानी देना चाहिए |

ज्वार का प्रति हेक्टेयर उत्पादन ?

पैदावार की बात करें तो देशी ज्वार वैराइटियों से पैदावार 28 से 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर प्राप्त हो जाती है | संकर ज्वार वैराइटियों से 35 से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार प्राप्त होती है |

ज्वार का प्रति हेक्टेयर उत्पादन निर्भर करता है कि किसान किस उद्देश्य से खेती करता है | किसान चारे के लिए करता है  या फिर अनाज के लिए चारे के लिए करता है |

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अच्छी किस्म की ज्वार 20 से 25 दिन बाद कटाई के योग्य हो जाती हैं  सिंचाई सुविधा के अनुसार ज्वार की कई कटाई हो जाती है |

ज्वार की फसल मे लगने वाले रोग ?

बहुत से किसान भाइयों की यह शिकायत रहती है कि इसमें कीड़े लगते हैं | तो इसके लिए किसान भाइयों से निवेदन है कि रासायनिक खाद का प्रयोग कम से कम करें क्योंकि पशुओं के खाने के लिए यह चारा नुकसानदाई हो सकता है |

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ज्वार की खेती कब करनी चाहिए

जो किसान भाई ज्वार को चारे के रूप में खेती करता है तो वह रसायनिक खादों का प्रयोग ना करें क्योंकि इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है, यदि छोटे-मोटे कीड़े लगते हैं तो 5 ml नीम का एल का स्प्रे/छिड़काव सकते हैं |

ज्वार के रोग से बचने के लिए बीज की बुवाई के समय ही बीजों को उपचारित करके ही बिजाई करें |

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ज्वार बाजार भाव 2021 ?

ज्वार / ज्वारी बाजार भावों की बात करें तो देश के बाजार और मंडियों मे भाव अलग-अलग रहते है | ज्वार बाजार भाव 2021 मे सामान्यतः क्वालिटी के अनुसार 1300 रुपये से लेकर 3500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव मे बिकता है |

देश मे ज्वार का उत्पादन ?

ज्वार भारत में मुख्य रूप से कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्राप्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों मे भारी क्षेत्र में उगाई जाती है |

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उत्तर प्रदेश में ज्वार की खेती मुख्यतः झांसी, हमीरपुर, जालौन, फतेहपुरा, इलाहाबाद, फरुखबाद, मथुरा, हरदोई  क्षेत्रों मे होती है |

हम उम्मीद करते हैं कि यह जानकारी आपको काफी लाभदायक/ज्ञानवर्धक होगी | आपने इसमें जाना की ज्वार की खेती कैसे होती है, उन्नत तकनीक के बारे में, ज्वार की उन्नत किस्में,ज्वार बाजार भाव आदि के बारे मे |

धन्यवाद

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