बारिश में धनिया की खेती 2021-22 जानिए कब और कैसे करें, उन्नत खेती और बीज-भाव

धनिया की खेती कब करें | धनिया की उन्नत खेती | धनिया की खेती कब और कैसे करें | धनिया की खेती करने का तरीका | धनिया की खेती कैसे उगाई जाती है | बारिश में धनिया की खेती | धनिया के मंडी भाव 2021

देश के घरानों मे मसालों का अपना अलग ही रोल रहा है, और भारत को मसालों की भूमि भी कहा जाता है | आज देश के किसान खेती बाड़ी मे नगदी और ज्यादा मुनाफा देनी वाली फसलों की और आगे बढ़ रहा है | धनिया को मसाला एव पकवानों मे सुनगंध के के साथ औषधीय रूप मे किया जाता है | तो बात करेंगे धनिया की उन्नत खेती की जानकारी, हरी धनिया की खेती कब और कैसे की जाती है –

बारिश-में-धनिया-की-खेती
बारिश में धनिया की खेती

धनिया की खेती कब और कैसे पूरी जानकारी –

धनिया की फसल 45 दिन मे तैयार हो जाती है | धनिया बुआई के अगले 10 से 12 दिनों मे पूर्ण रूप से अंकुरित होकर भूमि से हल्का बहार निकाल जाता है |

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उन्नत किस्म के बीज और हाइब्रिड किस्म के धनिया की खेती से लगभग 3 से 4 बार धनिया की कटाई की जा सकती है और धनिए के फूल भी देरी से आते हैं | जो उच्च किस्म के होते हैं मसालों के रूप में प्रयोग कर सकते हैं | धनिया की खेती में बीज के प्रति एकड़ लागत सर्दी की फसल में 6 से 7 किलो प्रति एकड़ और इसी तरह गर्मी की फसल में गर्मी और बरसात की धनिया की फसल में बीज 9 से 10 किलोग्राम प्रति एकड़ के रूप में करना चाहिए |

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अच्छा मुनाफा कमाने के लिए तीन मुख्य बाते ?

धनिया की खेती से अच्छा लाभ और मुनाफा कमाने के लिए इस खेती में केवल और केवल तीन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना होता है-

  1. पहला तो खेत की तैयारी के समय अधिक से अधिक जैविक खाद का प्रयोग |
  2. दूसरा बीजों का उचित चयन, हाइब्रिड बीज, उन्नत वैरायटीओं का चयन |
  3. तीसरी विशेष ध्यान रखने योग्य बातें और रोग प्रबंधन इन तीनों कारणों परध्यान देकर खेती करे तो सामान्य फसल की तुलना में 3 गुना तक उत्पादन ले सकते हैं |

धनिया की खेती करने का समय ?

उत्तम समय की बात करें तो यदि किसान ठंडी/ सर्दी के मौसम  के लिए खेती करता है तो अक्टूबर से नवंबर महीने में इसकी बुवाई शुरू कर देनी चाहिए | और यदि किसान बरसात के मौसम में फसल लेना चाहता है तो जून से जुलाई का महीना धनिया की बुवाई के लिए उत्तम माना जाता है |

किसान गर्मी की फसल लेना है तो फरवरी या मार्च में धनिया की बुवाई शुरू कर देनी चाहिए |

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उपयुक्त जलवायु और तापमान  ?

इस खेती में तापमान की बात करें तो कम से कम 10 डिग्री सेंटीग्रेड और अधिकतम 30 से 32 डिग्री सेंटीग्रेड अनुकूल माना जाता है |

मिट्टी की बात करें तो लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में की खेती की जाती है लेकिन भारत में अधिकतर चिकनी, दोमट, हल्की तोमर, काली मठियार प्रकार की भूमि में इसकी खेती की जा सकती है | साथ ही उत्तम जल निकास और जीवाश्म युक्त हो |

बारिश-में-धनिया-की-खेती
बारिश में धनिया की खेती

धनिया की किस्में / वेरैटिया / बारिश में धनिया की खेती ?

वैरायटीओं का चयन करते समय ध्यान रखें अपने क्षेत्र में प्रचलित किस्मों का ही प्रयोग करें वैसे देश में प्रचलित धनिया की प्रमुख उन्नत किस्में वैरायटी हैं निम्न है –

  • हिसार  सुगंध
  • आरसीआर435
  • गुजरात धनिया 2
  • पंजाब -cc
  • पंत हरितमा
  • जे डी-1
  • और जाने

धनिया का खेती के लिए खेत की तैयारी ?

इस फसल में खेत की तैयारी अन्य फसलों की तैयारी के समान ही खेत की तैयारी करने होती है |

  • धनिया की बिजाई से 10 से 15 दिन पहले ही दो से तीन बार रोटावेटर या कल्टीवेटर की सहायता से खेत की जुताई करा लेनी चाहिए |
  • तथा 10 से 12 दिन अच्छी तरह से धूप में भूमि को लगानी होती है |
  • ध्यान रखें कि खेत की तैयारी से पहले जैविक खाद या पकी हुई गोबर की खाद का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें क्योंकि धनिया की खेती जैविक रूप से करने पर अच्छा उत्पादन देती है |

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  • इसमें लगभग 80 से 90% खाद बीज उर्वरक जैविक या प्राकृतिक ही प्रयोग में लिए जाते हैं प्रति एकड़ के हिसाब से डेढ़ से दो ट्रॉली पकी हुई गोबर की खाद बिखेरना होता है |
  • गोबर की खाद उपलब्ध नहीं हो तो दो बोरी सिंगल सुपर फास्फेट का पाउडर उर्वरक के रूप में डाल दें |

हरे धनिया की खेती मे सिंचाई ?

सिंचाई की बात करें तो  सर्दी या बारिश में धनिया की खेती मौसम में धनिया की खेती के लिए 7 दिनों के अंतराल में सिंचाई करनी चाहिए और बात करें गर्मी के मौसम में धनिया  खेती में 2 से 4 दिनों के अंतराल में सिंचाई का करना अनिवार्य है |

किसान अपने वातावरण, मिट्टी और धनिए की फसल में सिंचाई की मांग के अनुसार ही सिंचाई करें |

भारत मे धनिया की खेती और उत्पादन ?

भारत में अधिकतर किसान हरे धनिए की खेती अगेती किस्मो और पछेती खेती का ही प्रयोग करते हैं, जिससे उनको बाजार का भाव अच्छा मिल जाता है | सही समय पर की खेती करने वाले किसान मसाला लेने वाले धनिया की खेती करते हैं |

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भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बिहार, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कनार्टक और उत्तर प्रदेश में अधिक की जाती है। इनमें मध्यप्रदेश में धनिया की खेती 1,16,607 हेक्टेयर में होती है जिससे लगभग 1,84,702 टन उत्पादन प्राप्त होता है। भारत धनिया का प्रमुख निर्यातक देश है।

धनिया के मंडी भाव और बाजार भाव ?

देश के किसान धनिया को उपजाकर अपने नजदीकी बाजारों, मंडियों से अच्छा मुनाफा कम सकते है बात करें बाजार भाव की तो यह बाजार की मांग और धनिये के उत्पादन पर निर्भर करती है | वैसे इस वर्ष के शुरुआती बाजारों एव मंडियों के भावों को देखा जा सकता है –

धनिये की वेरैटियाधनिया के मंडी भाव 2021 क्विंटल /रुपये मे
धनिया बदामी5200 -5000/-
धनिया ईगल 5500-5400
धनिया स्कुटर6000-5900
धनिया रेन टच4500 -4400
धनिया रंगदार 6100-7200
धनिया के मंडी भाव 2021

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