[ बरसात में सब्जी की खेती 2024 ] हर साल बरसात के मौसम में उगाई जाने वाली सब्जियां | Vegetables To Grow in Rainy Season

Last Updated on March 3, 2024 by krishisahara

बरसात के मौसम में उगाई जाने वाली सब्जियां | बरसात के मौसम में कौन सी सब्जियां उगाते है | बरसात में सब्जी की खेती कैसे करें | Barsat Me Sabji Ki Kheti | rainy season vegetables in hindi | rainy season vegetables in india | बरसात में कौन सी सब्जी की खेती करें | खरीफ की सब्जियां

      किसान भाइयों का सवाल रहता है, की बरसात में कौन सी सब्जी की खेती करें, जो आपको दिला सकती है- अच्छे भाव और मुनाफा | बरसात में बोई जाने वाली फसल की मांग केवल शहरी क्षेत्रों में अच्छी बनी रहती है, लेकिन ग्रामीण इलाको में इनकी मांग काफी कम होती है | बरसात में सब्जी की खेती, मंडी में बेचने के उद्देश्य हो या घरेलु गार्डन में घर हेतु सब्जी लगानी दोनों प्रकार से यह जानकरी आपके लिए कामगार साबित होगी –

बरसात-के-मौसम-में-उगाई-जाने-वाली-सब्जियां

आप इस मौसम में घर हेतु सब्जियां और मंडीयों में सब्जी मांग की पूर्ति कर अच्छी कमाई कमा सकते है –

बरसात में सब्जी की खेती कैसे करें?

वर्षा ऋतू में सब्जियों की खेती करना बहुत आसान होता है | चाहे घर बगीचों में हो या खेती के रूप में क्योकि पौधो में कम देखभाल की जरूरत होती है| बारिश के मौसम में कम तापमान और आर्द्र वातावरण के कारण बीज अंकुरण प्रक्रिया तथा पौधों की ग्रोथ फल-फुल तेजी से बनते है| आइये जानते है, बरसात में सब्जी की खेती को तीन प्रकार से –

  • बेल वाली सब्जियां
  • खड़ी फसल की सब्जियां
  • जमीन के अंदर बनने वाली सब्जियां
बारिश सीजन में ज्यादातर सब्जियों के प्रकारबरसात में लगाई जाने वाली सब्जियों के नाम
बेल/लता वाली सब्जियांलौकी, तोरई, करैला, खीरा, चिचिड़ा, ककड़ी, चावला फली
खड़ी फसल की सब्जियांबैंगन, भिन्डी, टिंडा, पत्तागोभी, बींस, ग्वार फली, मिर्ची,
जमीन के अंदर बनने वाली सब्जियांगाजर, मुली, चुकंदर, अदरक शहरी क्षेत्रों की मांग के अनुसार|

बरसात में कौन सी सब्जी की खेती करें (टॉप 10 सब्जियां)?

मानसून के सीजन में विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगाई जाती है, जिनकी मांग अच्छी बनी रहती है|शहरी क्षेत्र में रैनी सीजन से घर पर भी गमले या गार्डन की मिट्टी में आसानी से ग्रो कर सकते है| आइये जानते है, बरसात में लगाईं जाने वाली सब्जियां कौन कौन सी है और उन्हें कैसे लगाएं –

  1. टमाटर (Tomato)
  2. बैंगन (Brinjal)
  3. बीन्स /चावला फली
  4. करेला (Bitter Gourd)
  5. कद्दू (Pumpkin)
  6. खीरा (Cucumber)
  7. लौकी (Bottle Gourd)
  8. पालक (Spinach Vegetables)
  9. हरी मिर्च (Green Chilli)
  10. भिंडी (Lady Finger)
बरसात-में-सब्जी-की-खेती-कैसे-करें

टमाटर –

उत्तर भारत में बारिश के समय टमाटर की खेती/पौधा लगाने का उचित समय जून-अगस्त के बीच होता है|

  • टमाटर के बीजों को 1/2 इंच की गहराई में लगाएं|
  • टमाटर मिट्टी में बीज लगाने के बाद, बीज अंकुरित होने में 7 से 14 दिन का समय लग सकता है|
  • मिटटी/भूमि का चयन अच्छा जल निकासी वाला स्थान चुनें|
  • टमाटर के पौधों को एक दूसरे से लगभग 15 से 20 इंच की दूरी पर लगाना चाहिए|
  • ऐसा स्थान चुने टमाटर के पौधों को रोजाना 5-6 घंटे की धूप मिल सके|
  • प्लांट्स की वृद्धि के लिए आवश्यक खाद व उर्वरक देते रहे|
  • 50-65 दिन बाद टमाटर के पौधे से ताजे और स्वादिष्ट टमाटर तैयार हो जाते है|

खरीफ सीजन में बैंगन खेती –

बैंगन को बरसात के समय जलवायु के आधार पर उत्तर भारत में मध्य जून के समय तथा दक्षिण भारत में जून-जुलाई में लगा सकते है|

  • बैंगन के पौधे अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में आसानी से उगाए जा सकते है|
  • मिटटी/गमले की मिट्टी में बैंगन के बीज ¼ इंच गहराई पर लगाना चाहिए|
  • बैंगन के बीज अंकुरण 21-32°C के तापमान और लगभग 7-14 दिन में बीज अंकुरित हो जाते है|
  • उचित देखभाल के साथ पौधों में लगभग 50-60 दिन में बैंगन लगने शुरू हो जाते है|

खीरा ककड़ी –

बेल/लता पर उगाई जाने वाली सब्जियों में से एक है, जिसे आप बरसात के समय विशेष जालदार स्थान देकर अच्छी पैदावार ले सकते है|

  • शहरो में घर की छतों/गार्डन या रूफटॉप गार्डन में उगा सकते है|
  • खीरा के पौधे, नम और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में तथा पर्याप्त धूप वाले स्थान चयन करें|
  • खीरा के बीज लगभग 1 इंच गहराई मिट्टी में लगाना चाहिए|
  • खीरा के बीज अंकुरण के लिए 18-32°C तापमान और 7-14 दिन के अन्दर बीज अंकुरित हो जाते है|
  • खीरे की खेती में 50-70 दिन में पौधे में फल लगाना शुरू हो जाता है|
  • बढ़ती हुई खीरा की बेल को मजबूत सहारा देते रहना चाहिए|

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करेला –

खरीफ़ सीजन में करेले की बाजार में खूब मांग रहती है, इसलिए कम समय में अच्छा लाभ कमाने के लिए करेले की उन्नत तकनीक के साथ करेले की खेती कर सकते है| करेले के बीज को जुलाई का माह सबसे उत्तम माना गया है –

  • करेला के पौधे अच्छी जल निकासी वाली भूमि/मिट्टी में अच्छे से ग्रो करता है|
  • मिट्टी में करेले के बीज लगभग 1 इंच की गहराई में लगाएं|
  • करेले का पौधा बेल/लता रूप में बढ़ता है, इसीलिए बढ़ते समय विशेष जाल/क्रीपर नेट को लगाना चाहिए|
  • करेले का बीज बुवाई के 60 से 65 दिन बाद फूल-फल लगने शुरू हो जाते है|

लौकी –

होम गार्डन हो या बड़े स्तर की खेती, बरसात के समय लौकी की बेल को आसानी से उगाया जा सकता है|

  • मिट्टी में लौकी के बीज लगभग 1-2 इंच की गहराई पर लगाना चाहिए|
  • 20-32°C के तापमान में लौकी के बीज लगभग 7-10 दिन में अंकुरित हो जाती है|
  • लौकी को कम देखभाल के साथ उगाया जा सकता है, लेकिन तेजी से व स्वस्थ बढ़ने के लिए इसकी बेल को सहारे की जरूरत होती है|
  • पौधे को नियमित रूप से खाद व पानी देने पर लगभग 50-60 दिन बाद लौकी फल तोड़ने को मिल सकते है|

हरी मिर्च –

बरसात का समय मिर्च के पौधे उगाने का सबसे अच्छा समय है, इस समय कम लागत के साथ अच्छा मुनाफा कमा सकते है|

  • बारिश के मौसम में मिर्च उगाने के लिए पोलीहॉउस या खुलेदार खेत में रोजाना 5-6 घंटे की धूप मिलनी चाहिए|
  • अच्छी किस्म के हरी मिर्च के बीज का चुनाव करें, 0.5 cm की गहराई बीज को लगाना चाहिए|
  • बीज लगाने के 50-60 दिनों बाद पौधे में मिर्च फूल-फल आना शुरू हो जाते है|
  • मिर्च पौधे के आस-पास वर्षा अधिक होने पर जलभराव ना होने दे|

भिंडी –

भिन्डी, फसल अच्छी तरह से फलने फूलने के लिए दिन में पर्याप्त 4-7 घंटे धुप जरुरी होती है|

  • 18-30°C के मध्य तापमान में 7-14 दिन में भिण्डी के बीज अंकुरित हो जाते है|
  • भिन्डी की खेती में सिंचाई का विशेष ध्यान देवे, केवल वर्षा पर ही निर्भर ना रहे, लेकिन फसल में जलभराव ना होने दें|
  • 50 से 65 दिनों में भिन्डी के पौधे उपज देने के लिए तैयार हो जाते है|
बरसात-में-सब्जी-की-खेती
बरसात में सब्जी की खेती

बीन्स –

बीन्स एक लता प्रकार का पौधा है, जो धूप और छाया दोनों प्रकार वाले स्थान पर आसानी से उगाया जा सकता है|

  • बुवाई के लिए मिट्टी में बीन्स के बीजों को लगभग 1 इंच गहराई में बोया जाता है|
  • बीन्स की फसल अच्छे से लेने के लिए खेत की अच्छी तैयारी करें|
  • बीज लगाने के लगभग 45-50 दिन बाद बीन्स फलिया तोड़ने को मिल सकती है|

पालक –

पालक सर्वोधिक सर्दियों में लगाया जाता है, लेकिन बाजार में मांग और कई बीमारियों के इलाज के चलते वर्षा ऋतू में पालक की खेती कर सकते है|

  • बरसात के समय पालक जून-जुलाई के माह में लगा सकते है|
  • पोषक तत्व युक्त मिटटी का चुनाव करें, जल निकासी वाली मिट्टी में पालक के बीज ½ इंच की गहराई पर लगा दे|
  • बरसात के सीजन में पालक के बीज तेजी से अंकुरित होते है|
  • उचित देखभाल के साथ लगभग 45-50 दिन बाद से ताज़ा कोमल पत्तेदार पालक फसल ले सकते है|

कद्दू – Pumpkin Grow Best In Rainy Season –

बरसात के समय नम तथा आर्द्र परिस्थितियों में कद्दू की फसल को उगाया जा सकता है|

  • कद्दू की बेल दिन में 5-6 घंटे की धूप आवश्यकता और 21°C से 35°C के बीच के तापमान में तेजी से फलता-फूलता है|
  • कद्दू के बीज 1 इंच गहराई में लगाये, अंकुरित होने में 7-14 दिन का समय लग सकता है|
  • पौधे की उचित देखभाल करते रहे 60-70 दिन की फसल फल-फूल देने के लिए तैयार हो जाती है|
बरसात में सब्जी की खेती

बरसात में कौन सी सब्जी की खेती करें?

टमाटर, हरी मिर्च, लोबिया, बैंगन, भिन्डी, टिंडा, पत्तागोभी, बींस, ग्वार फली, शिमला मिर्ची, लौकी, तोरई, करैला, खीरा, चिचिड़ा, ककड़ी, चावला फली आदि|

बेमौसम सब्जी की खेती क्यों की जाती है?

बाजार में आज के समय हर प्रकार की सब्जी फसल की मांग पुरे सालभर बनी रहती है, इसका सीधा-सीधा लाभ किसान को अच्छे भाव मिलने के कारण मिल जाता है| देश का किसान कई प्रकार की सब्जी फसलों की अगेति-पछेती और ग्रीन हॉउस की मदद से सालभर बाजार में सभी सब्जी फसलों की मांग की पूर्ति बना रहा है|

जून-जुलाई में कौन सी सब्जी उगाई जाती है?

खरीफ के सीजन में वर्षा पर आधारित कई प्रकार की सब्जीयां उगे जा सकती है, जैसे – टमाटर, हरी मिर्च, लोबिया, बैंगन, भिन्डी, टिंडा, पत्तागोभी, बींस, ग्वार फली, शिमला मिर्ची, लौकी, तोरई, करैला, खीरा, चिचिड़ा, ककड़ी, चावला फली आदि|

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