[ एलोवेरा की खेती 2023 ] यहाँ जानें एलोवेरा की खेती, कीमत, उपयोग, खरीदने वाली कंपनीयां, एलोवेरा के फायदे – Aloe Vera Farming In India

Last Updated on January 7, 2023 by krishi sahara

घृत कुमारी/एलोवेरा की खेती | elovera kheti | एलोवेरा की मंडी भाव | एलोवेरा खरीदने वाली कंपनी के नंबर | एलोवेरा का पौधा कैसे लगाये | एलोवेरा कहां मिलता है | एलोवेरा कितने प्रकार का होता है

एलोवेरा एक बहुत ही दिव्य औषधि है, पुराने समय मे इसका उपयोग वेद चिकित्सा के रूप मे किया जाता था इसके गुणों से पिछले 10-15 वर्षों से एलोवेरा काफी व्यवसायिक तौर पर उपयोग होने लगा है| एलोवेरा एक छोटा झाड़ीनुमा पौधा है इसकी पत्तियां काफी माशल होती है |

एलोवेरा-की-खेती
एलोवेरा की खेती

एलोवेरा औषधीय गुणों का खजाना होता है इसका उपयोग राष्ट्रीय एव अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने उत्पाद बनाने में करती है| घृत कुमारी/एलोवेरा से बहुत सारे द्रव्य पेय, ओषधिया, सौंदर्य, दवाईया आदि पदार्थ बनाए जाते है |

इसकी भारी डिमांड और मांग किसानों को आकर्षीत कर रही है, तो बात करेंगे एलोवेरा की खेती पर जिसकी खेती देश की किसी भी हिस्से में इसकी खेती कर सकते है –

एलोवेरा का वानस्पतिक नाम (aloe vera ka vaigyanik naam) – 

सामान्य भाषा मे एलोवेरा यानी घृत-कुमारी इसे सामान्य भाषा में काकरंगदल या ग्वारपाठा भी कहते है जो अपने औषधीय गुणों के रूप में विख्यात है | 

एलोवेरा के बिकने वाले भाग (aloe vera market in india) –

किसान Alovera farming करके इसके अलग-अलग हिस्सों को बेच सकते है –

  • एलोवेरा की फार्मिंग करने के बाद लगातार उत्पादन लेकर 5 से 7 साल तक इसका उत्पादन ले सकते है | 
  • 1 साल में किसान तीन बार पत्तियां काट कर बेच सकते है |
  • इसके आस-पास होने वाले छोटे पौधों और बड़े पौधों को भी बेच सकते है |

किसान इससे अधिक लाभ लेने के लिए खुद ही अपने स्तर पर इसका जेल निकालकर नॉर्मल प्रोसेसिंग कर कंपनियों को सीधा उत्पाद बेच सकते है जिससे एलोवेरा के उत्पाद की मूल्य वृद्धि हो सकती है |

एलोवेरा की खेती के लिए पौधे कहा से मिलेंगे ?

कोई भी व्यक्ति या किसान भाई एलोवेरा की खेती करना चाहता है तो खुद की व्यवस्था नजदीक की कृषि विश्व विद्यालय या कृषि अनुसंधान केंद्र या आसपास कोई निजी आयुर्वेदिक कंपनी से संपर्क कर सकता है| इसके लिए कृषि विभाग आपको कुछ अच्छी किस्म के या वर्तमान प्रचलित किस्मों की पौध की व्यवस्था करा देंगे |

एलोवेरा-की-खेती
एलोवेरा की खेती

एलोवेरा का पौधा कैसे लगाये (Aloevera Ke Poudhe Kese Lgaye)?

यह एक ऐसा उष्णकटिबंधीय पौधा है इसकी खेती के लिए किसान को पहले खेत तैयार कर लेना है खेत में हो सके तो कृत्रिम खाद या जैविक खाद के साथ खेत तैयार करना होगा, रोपाई का समय फरवरी से लेकर जून तक कभी भी कर सकते है| जानिए एलोवेरा का पौधा कैसे लगाये

पौध रोपाई –

  • कतार से कतार की दूरी 2 फुट के आस-पास रखिये |
  • पौधे से पौधे की दूरी 1 से 1.5 फिट |

उपयुक्त मिट्टी और जलवायु –

यह औषधीय पौधा किसी भी प्रकार की मिट्टी मे लग जाता है| केवल भूमि मे जल भराव न हो और देश की बलुई दोमट मिट्टी मे इसका ज्यादा विकास और उत्पादन होता है |

elovera kheti सिंचाई – 

एलोवेरा का पौधा लगाने के बाद एक या दो बार सिंचाई जरूरी है उसके बाद में एक बार पौधा जम जाने के बाद सिंचाई की बहुत ही कम आवश्यकता होती है| फिर इसको डेट दो-तीन महीने से सिंचाई कर सकते है, सिंचाई ज्यादा भी नहीं करनी चाहिए जिससे की खेत में जल का भराव ना हो |

एलोवेरा की खेती

एलोवरा की प्रमुख किस्मे (Aloevera ki kismme/variety) –

यदि किसान भाई कृषि केंद्र से इनमे से किसी भी किस्म के कंद की रोपाई करे –

  1. IC- 111271 
  2. IC- 11269 
  3. 11280 – IC

एलोवेरा का बीज (Aloevera Ke Beej) ?

मुख्यतः एलोवेरा का कोई बीज नहीं होता है एलोवेरा के बड़े पोधों के जड़ों में गाँठे होती है उनसे नए-नए पौधे निकलते है या जड़ों से ही फूटाव होता है| नए पौधों के लिए या तो आप इसके पौधे लगा सकते हो इसकी जड़ों को भी लगा सकते हो अलग-अलग टुकड़ों में बांटकर |

ग्वारपाठा/एलोवेरा के मंडी भाव (Aloevera Ke Bhav) ?

एलोवेरा के उत्पाद बाजार भाव
पत्तियां/तना 5 – 10 रु/kg
एलोवेरा के छोटे पौधे3 – 10 रु/पौधा
बड़े पौधे5 – 10 रु/पौधा
एलोवेरा जूस100 – 250 रु/ltr
ग्वारपाठा की फली 100- 150 रु/kg
एलोवेरा कितने प्रकार का होता है
एलोवेरा की खेती

एलोवेरा का बाजार और कहाँ बेचे (aloe vera buyers in india) ?

जिन किसान भाइयों ने ग्वारपाठे की खेती पूर्व व्यवस्था के अनुसार खेती की है उनके लिए बाजार की कोई कमी नहीं है |

किसान भाइयों को एलोवेरा की खेती करने के लिए बहुत सारी सावधानियों का ध्यान रखना होता है सबसे मेन बात आती है एलोवेरा का बाजार कहां है या इसे कहां बेचे इसके लिए किसान को सबसे बड़ी सावधानी रखनी होती है कि कभी भी कांटेक्ट फार्मिंग ना करें यदि करें तो उस कंपनी या फार्म से पूरा क्लोज/संबंध मे रहे या उसका बारे में पूरा विश्वास हो तभी करें अन्यथा आपके साथ नुकसान हो सकता है |

एलोवेरा का कोई मंडी नहीं होती है इसके लिए किसान को खेती करने से पहले 1-2 साल इस पर काफी अनुभव लेना होता है और अनुभव से उसको इसका मार्केट का कम से कम 5 या 6 जगह का पता होना चाहिए जिससे वह अपनी मनचाही जगह पर बेच सके है |

मुख्यतः देश मे बड़े एलोवेरा खरीदार /एलोवेरा खरीदने वाली कंपनी के नंबर –

  1. पतंजलि आयुर्वेद ।
  2. वानस्पतिक भारत |
  3. आयुर्वेद का आयुर्वेद।
  4. विट्रोमेड हेल्थ केयर।
  5. रतन ऑर्गेनिक फूड्स |
  6. श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन लिमिटेड |
  7. ब्राइट लाइफकेयर लिमिटेड |
  8. कपिवा आयुर्वेद आदि के साथ बहुत सारी छोटी औषधीय ग्वारपाठा का तेल निर्माता कम्पनिया है जो ग्वारपाठा/एलोवेरा खरीदती है |

एलोवेरा कितने रुपए किलो बिकता है?

एलोवेरा खेत से लगभग 3 रुपए से लेकर 5 रुपये किलो के भाव से बिकता है एलोवेरा के एक पौधे से 3.5 किलो के आस-पास तक पत्ते मिलते है |

एलोवेरा का बीज कहां मिलेगा?

एलोवेरा का कोई बीज नही होता है एलोवेरा के बड़े पोधों के जड़ों में गाँठे होती है उनसे नए-नए पौधे निकलते है या जड़ों से ही फूटाव होता है |

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