[ कपास का भाव 2022 ] जानिए प्रमुख मंडियों के – आज का कपास का भाव क्या है | kapas ka bhav

इन दिनों देश के प्रमुख कपास मंडियों में कपास का भाव और बाजार अच्छा चल रहा है, कपास के भाव में रोज 300-400 रुपये की घटक बढ़त देखने को मिल रही है | बता दें कि पिछले दिनों की तुलना में भावों में कुछ तेजी देखने को मिली है, तो आइए जानते हैं आज देश की प्रमुख मंडियों में कपास के भाव क्या रहने वाले हैं-

कपास-का-भाव

प्रमुख मंडियों मे आज का कपास का भाव 28 जून 2022:-

प्रमुख कपास मंडियाभाव / क्विंटल रुपये मे
हरियाणा की रोहतक मंडी9860/-
कपास के भाव एलेनाबाद 9800/-
कपास मंडी भाव जामनगर10860/-
कपास का भाव भावनगर10850/-
फतेहाबाद – हरियाणा9810/-
कपास मंडी भाव आंध्रप्रदेश 10100 के आस-पास
कपास का भाव हिसार मंडी9780/-
कपास बाजार भाव महाराष्ट्र12600/-
कपास का भाव गोंडल मंडी10900/-
कपास भाव गुजरात अमरेली 10910/-
कपास का भाव भेसान मंडी10850/-
हरियाणा की मेहम कपास मंडी 9870/-
आदमपुर कपास 9810/-
रतिया मध्यम कपास 9800/-
कपास मंडी भाव राजकोट11900/-
कपास का भाव धोराजी मंडी10820/-
महुवा – स्टेशन रोड गुजरात मंडी भाव 10940/-
हरियाणा की सिरसा मंडी – मध्यम कपास9810/-
28 जून kapas ka bhav 2022

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कपास भाव ताजा समाचार ?

हाल ही 21 जुलाई को हरियाणा सरकार CM तोमर ने कहा कि राज्य के 19 लाख कपास किसानों को 26,700 करोड़ रुपये की msp भुगतान किया जा चुका है |

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देश में कपास का प्रतिवर्ष उत्पादन ? 

भारत, कपास उत्पादक मे दूसरे नंबर पर आता है | देश मे प्रति वर्ष लगभग 6 मिलियन टन कपास का उत्पादन होता है,जो विश्व कपास का लगभग 23 % है |

कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2021-22 ?

वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान केंद्र सरकार ने फ़सली वर्ष 20221-22 के लिए खरीफ की फसलों मे कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढाया है –
अब कपास मध्यम रेसा 5515 रुपये से बढ़कर 5726 रुपये और कपास लंबा 5825 रुपये प्रति क्विटल से बढ़कर 6025 रुपये प्रति क्विटल का भाव से इच्छुक किसानों से सरकारी भाव से खरीद जाएगा |

वर्तमान मे नरमा की खेती मे सावधानी –

इन दिनों खरीफ की फसल कपास में गुलाबी सुंडी का प्रकोप बड़ रहा है |

गुलाबी सूंडी के प्रकोप से पिछले साल कपास की फसल में काफी नुकसान पहुंचाया था, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ा और प्रति एकड़ हजारों रुपए का नुकसान भुगतना पड़ा |

खरीफ के मौषम की यह एक महत्वपूर्ण नकदी फसल मानी जाती है|

फसल मे रोग-समस्या आती है तो कृषि विज्ञानिकों की सलाह व कीटनाशकों उचित प्रयोग करना चाहिए |

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