[ कपास का भाव 2021 ] जानिए प्रमुख मंडियों के – आज का कपास का भाव क्या है | kapas ka bhav

इन दिनों देश के प्रमुख कपास मंडियों में कपास का भाव और बाजार अच्छा चल रहा है, कपास के भाव में रोज 100-200 रुपये की घटक बढ़त देखने को मिल रही है | बता दें कि पिछले दिनों की तुलना में भावों में कुछ तेजी देखने को मिली है, तो आइए जानते हैं आज देश की प्रमुख मंडियों में कपास के भाव क्या रहने वाले हैं-

कपास-का-भाव

प्रमुख मंडियों मे आज का कपास का भाव क्या है ?

17 सितंबर 2021 –

प्रमुख कपास मंडियाभाव / क्विंटल रुपये मे
हरियाणा की रोहतक मंडी6900/-
कपास के भाव एलेनाबाद 6870/-
कपास मंडी भाव जामनगर6295/-
कपास ना भाव भावनगर6100/-
फतेहाबाद – हरियाणा6850/-
कपास मंडी भाव मध्य प्रदेश7470 के आस-पास
कपास का भाव हिसार मंडी6950/-
कपास बाजार भाव महाराष्ट्र
कपास LH-1556 का भाव बीजापुर मंडी
कपास भाव गुजरात अमरेली 6750/-
कपास का भाव विजयनगर मंडी
हरियाणा की मेहम कपास मंडी 6880/-
कपास का भाव राजस्थान
बिहार जुट – मध्यम का भाव4815/-
कपास मंडी भाव राजकोट6850/-
कपास का भाव धामनोद मंडी
महुवा – स्टेशन रोड गुजरात मंडी भाव 6210 /-
हरियाणा की सिरसा मंडी – मध्यम कपास6900/-
17 सितंबर kapas ka bhav 2021

[ डीएपी खाद का रेट 2021] क्यों बढ़े खाद-उर्वरक के दाम- dap khad price 50kg

कपास भाव ताजा समाचार ?

हाल ही 21 जुलाई को हरियाणा सरकार CM तोमर ने कहा कि राज्य के 19 लाख कपास किसानों को 26,700 करोड़ रुपये की msp भुगतान किया जा चुका है |

देश के नरमा से जुड़े आज का ताजा समाचार देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें- आज के ताजा नरमा समाचार

टपक सिंचाई पद्धति प्रोजेक्ट 2021-22 | Drip irrigation subsidy

देश में कपास का प्रतिवर्ष उत्पादन ? 

भारत, कपास उत्पादक मे दूसरे नंबर पर आता है | देश मे प्रति वर्ष लगभग 6 मिलियन टन कपास का उत्पादन होता है,जो विश्व कपास का लगभग 23 % है |

कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2021-22 ?

वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान केंद्र सरकार ने फ़सली वर्ष 20221-22 के लिए खरीफ की फसलों मे कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढाया है –
अब कपास मध्यम रेसा 5515 रुपये से बढ़कर 5726 रुपये और कपास लंबा 5825 रुपये प्रति क्विटल से बढ़कर 6025 रुपये प्रति क्विटल का भाव से इच्छुक किसानों से सरकारी भाव से खरीद जाएगा |

वर्तमान मे नरमा की खेती मे सावधानी –

इन दिनों खरीफ की फसल कपास में गुलाबी सुंडी का प्रकोप बड़ रहा है |

गुलाबी सूंडी के प्रकोप से पिछले साल कपास की फसल में काफी नुकसान पहुंचाया था, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ा और प्रति एकड़ हजारों रुपए का नुकसान भुगतना पड़ा |

खरीफ के मौषम की यह एक महत्वपूर्ण नकदी फसल मानी जाती है|

फसल मे रोग-समस्या आती है तो कृषि विज्ञानिकों की सलाह व कीटनाशकों उचित प्रयोग करना चाहिए |

ये भी पढ़े –

मिनी रोटावेटर प्राइस लिस्ट | रोटावेटर कीमत | हाथ से चलने वाला रोटावेटर

अमेरिका के किसान | अमेरिका की मुख्य फसलें | अमेरिका के गांव

Leave a Comment